{"_id":"6611ae67eb1104016b0fb2a6","slug":"villagers-announce-election-boycott-over-neglect-of-development-works-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-121502-2024-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: विकास कार्यों की अनदेखी पर ग्रामीणों ने की चुनाव बहिष्कार की घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: विकास कार्यों की अनदेखी पर ग्रामीणों ने की चुनाव बहिष्कार की घोषणा
Sun, 07 Apr 2024 01:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 07 Apr 2024 01:49 AM IST
विज्ञापन
तीतरों के गांव कोलाखेड़ी में लगाया गया चुनाव बहिष्कार का बैनर। श्रोत ग्रामीण
सहारनपुर, तीतरों। गांव में विकास कार्य न कराने से नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का बैनर गांव में लगा दिया है। बैनर पर लिखा है कि गांव में किसी भी दल का प्रत्याशी या नेता वोट मांगने ना आए।
तीतरों के ग्राम कोलाखेडी के मजरे में करीब 200 मतदाता हैं। यहां के निवासी बनारसी, देशराज, संदीप, राहुल, सियाराम, इंद्र, सोनू, प्रताप आदि का आरोप है कि क्षेत्र के सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य आदि ने उनके मजरे की पिछले कई वर्षों से कोई सुध नहीं ली है। जबकि वह लोग बदहाली का जीवन जी रहे है। बिजली, पेयजल, सड़क, सफाई आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। उन्हें रातें भी अंधेरे में काटनी पडती है क्योंकि गांव को होने वाली आपूर्ति की विद्युत लाइन उनके खेतों को आपूर्ति करने वाली लाइन से जुड़ी है। इस लाइन में रात को आपूर्ति नहीं आती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनका गांव में विकास कार्यों को दरकिनार किया जा रहा है तो वे भी लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। उन्होंने चुनाव बहिष्कार का बैनर भी गांव में लगा दिया है। उनका कहना है कि यदि 18 अप्रैल तक उनकी समस्याओं का निदान नहीं होता तो वे 19 तारीख के मतदान में भाग नहीं लेंगे। उधर, एसडीएम नकुड संगीता राघव ने बताया कि इसकी सूचना मिली थी। संबंधित अधिकारियों को गांव भेजा है। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
तीतरों के ग्राम कोलाखेडी के मजरे में करीब 200 मतदाता हैं। यहां के निवासी बनारसी, देशराज, संदीप, राहुल, सियाराम, इंद्र, सोनू, प्रताप आदि का आरोप है कि क्षेत्र के सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य आदि ने उनके मजरे की पिछले कई वर्षों से कोई सुध नहीं ली है। जबकि वह लोग बदहाली का जीवन जी रहे है। बिजली, पेयजल, सड़क, सफाई आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। उन्हें रातें भी अंधेरे में काटनी पडती है क्योंकि गांव को होने वाली आपूर्ति की विद्युत लाइन उनके खेतों को आपूर्ति करने वाली लाइन से जुड़ी है। इस लाइन में रात को आपूर्ति नहीं आती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनका गांव में विकास कार्यों को दरकिनार किया जा रहा है तो वे भी लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। उन्होंने चुनाव बहिष्कार का बैनर भी गांव में लगा दिया है। उनका कहना है कि यदि 18 अप्रैल तक उनकी समस्याओं का निदान नहीं होता तो वे 19 तारीख के मतदान में भाग नहीं लेंगे। उधर, एसडीएम नकुड संगीता राघव ने बताया कि इसकी सूचना मिली थी। संबंधित अधिकारियों को गांव भेजा है। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन