सहारनपुर: छह माह में 300 बीघा भूमि का सत्यापन, कब्जे भी हटवाए
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर संपत्तियों के सत्यापन का अभियान चल रहा है। सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त किया जा रहा है। संपत्ति अधिकारी के अनुसार बीते छह माह में 19.510 हेक्टेयर यानी करीब 300 बीघा भूमि का सत्यापन किया गया। जिसमें भूखंडों से कब्जे हटाए गए हैं।
इनमें राधा विहार में दो हजार वर्ग मीटर जमीन, मवीं खुर्द में सीलिंग की 0.205 हेक्टेयर भूमि, मानकमऊ में म्हाड़ी की जमीन आदि भूखंड शामिल हैं। हालांकि अभी कई ऐसी बेसकीमती भूमि हैं जिनको निगम कब्जा मुक्त नहीं करा पाया है।
नगर निगम ने करीब डेढ़ वर्ष पहले अपनी जमीनों को चिन्हित किया था। 116 भूखंडों की 31.5 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा पाया गया था। तत्कालीन नगरायुक्त के निर्देश पर 334 कब्जाधारियों के विरुद्ध अलग-अलग थानों में 44 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। करीब 12 हेक्टेयर भूमि खाली करा ली गई थी।
शहर में हैं 143 तालाब
- नगर निगम क्षेत्र में कुल 143 तालाब हैं। इनमें से ज्यादातर तालाबों के कुछ हिस्सों पर कब्जा है। छह माह से चल रहे अभियान में 44 तालाब कब्जामुक्त कराए गए हैं।
भवनों पर भी कब्जा लिया
नगर निगम ने केवल भूखंडों को ही खाली नहीं कराया है। बल्कि वर्षों से कब्जों में दबे अपने भवनों पर भी कब्जा लिया है। इनमें मेहरा कोठी नाम के भवन के करोड़ों की कीमत के 11 क्वार्टर, खाताखेड़ी में निगम के क्वार्टर शामिल हैं।
घंटाघर पर नहीं लिया कब्जा
घंटाघर पर एक लाख रुपये वर्ग गज की कीमत की जमीन है। जिस पर अवैध कब्जा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जमीन नजूल की है। इसको प्रशासन कब्जा मुक्त कराएगा। उधर, रोडवेज बस अड्डे के पास भी इसी तरह लीज पर लिए गए भवन में फेरबदल किया गया है। इस पर भी निगम चुप है।
बाहरी कॉलोनियों में अधिक भूखंड
नगर निगम के गठन के दौहारा शहर से सटे 32 गांवों को शहर में शामिल किया गया था। ज्यादातर सरकारी भूमि इन 32 गांवों या कहें बाहरी कॉलोनियों में हैं। 143 में से 127 तालाब भी इन गांवों में ही हैं। सरकारी जमीनों पर भी 30 से 40 साल से लोगों का कब्जा चला आ रहा है।
नगर निगम अपनी संपत्तियों को लेकर गंभीरता के साथ काम कर रहा है। बीते छह माह में सख्ती के साथ करीब 300 बीघा के भूखंडों को चिन्हित कर कब्जा लिया गया है। अभियान जारी है। शेष भूखंड भी जिन पर कब्जा है जल्द खाली होंगे। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।