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अस्पतालों की तिजोरी लबालब, सुविधाओं को तरस रहे मरीज

Sat, 20 Feb 2021 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 12:11 AM IST
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Vault of hospitals is heavy, patients are craving facilities
मरीज को खुद स्ट्रेचर पर खींचकर ले जाते तीमारदार। - फोटो : SAHARANPUR
अस्पतालों की तिजोरी लबालब, सुविधाओं को तरस रहे मरीज
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सहारनपुर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की सुविधाओं के लिए चिकित्सा विभाग के पास पर्याप्त पैसा होने के बावजूद काम नहीं कराया जा रहा है। दरअसल, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में मिला है। यह धनराशि अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर बनाने पर खर्च होनी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस धनराशि को दबाए बैठा है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मार्च 2019 से संचालित है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान भी उसके साथ-साथ चल रहा है। योजना के पात्रों का इलाज करने वाले सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को सरकार क्लेम के रूप में खर्च देती है। जिले के सरकारी अस्पतालों को करीब दो वर्ष में इलाज की एवज में 59,72,350 रुपये का क्लेम मिल चुका है। शासन का स्पष्ट आदेश हैं कि इस पैसे को सरकारी अस्पताल मे जन सुविधाओं पर खर्च किया जाए। लेकिन जिला चिकित्सा विभाग इसके लिए निर्देश का बहाना बनाकर पैसे को दबाए बैठा है। जबकि सरकारी अस्पतालों में जनसुविधाओं की हालत खराब हैं।
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एसबीडी जिला अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। मरीजों और तीमारदारों के बैठने की व्यवस्था भी दशकों पुरानी है। मरीज और तीमारदारों को खुले में बैठना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल की इमारत में भी यही हाल है। हालांकि कुछ सीएचसी ने अपने खातों में आए पैसे को खर्च जरूर किया है।
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यह हैं आदेश
प्रमुख सचिव की ओर से आठ फरवरी को पत्र जारी किया गया था। इसमें क्लेम के पैसे को चिकित्सालयों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट, मरीजों की बेहतर सुविधाएं पर खर्च करने को कहा गया था। लेकिन स्थानीय अधिकारी दिशा निर्देश नहीं होने की बात कह रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल अधिकारियों को यह भी मालूम नहीं है कि क्लेम का कितना पैसा अस्पताल के खाते में है।
क्लेम लेने वाले प्रमुख सरकारी अस्पताल
अस्पताल -------------------------- क्लेम
जिला महिला अस्पताल----------1871300
एसबीडी जिला अस्पताल---------1514050
राजकीय मेडिकल कॉलेज---------1122950
सीएचसी देवबंद--------------------410250
सीएचसी गंगोह---------------------190200
सीएचसी बेहट-----------------------177000
सीएचसी पुवांरका--------------------95400
सीएचसी साढौली--------------------85000
सीएचसी रामपुर मनिहारान---------85000
सीएचसी नानौता--------------------79200
सीएचसी फतेहपुर-------------------77400
क्लेम के पैसे को खर्च करने के लिए शासन की ओर से अब तक स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। यही वजह है कि क्लेम के पैसे को खर्च नहीं किया जा सका है। जैसे ही दिशा निर्देश मिलेंगे पैसे को जन सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।

- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।

खराब पड़ी पानी की टंकियां।

खराब पड़ी पानी की टंकियां।- फोटो : SAHARANPUR

एसबीडी जिला अस्पताल में खराब पड़े पेयजल के लिए लगाए फ्रीज।

एसबीडी जिला अस्पताल में खराब पड़े पेयजल के लिए लगाए फ्रीज।- फोटो : SAHARANPUR

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