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Saharanpur News: यूरिया की मारामारी, दो घंटे में खाली हो गया समिति का स्टॉक
Thu, 12 Jun 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:28 AM IST
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बड़गांव। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही यूरिया खाद की मांग अचानक बढ़ गई है। सहकारी समिति बड़गांव पर बुधवार को खाद को लेकर मारामारी रही। दो घंटे में ही सहकारी समितियों का स्टॉक समाप्त हो गया। काफी संख्या में किसानों को बिना यूरिया लिए ही लौटना पड़ा।
डीएपी के संकट से परेशान रहे किसानों के सामने अब यूरिया का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की उपलब्धता होने की खबर लगते ही बड़ी संख्या में किसान खाद के लिए समिति पहुंच गए। समिति पर डीएपी और यूरिया की मांग अधिक रही। सहकारी समिति बड़गांव पर मात्र 340 बोरी यूरिया की उपलब्धता कराई गई थी, जो दोपहर 12 बजे तक बांट दी गई। इसके बाद स्टाक खत्म हो गया। समिति पर डीएपी और एनपीके भी उपलब्ध ही नहीं हो रहा है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। खाद न मिलने से काफी किसान वापस लौटने को मजबूर हुए।
उधर, सहकारी समिति सचिव राकेश कुमार का कहना है कि मंगलवार को एक गाड़ी यूरिया खाद की प्राप्त हुई थी, जिसका प्रति किसान पांच-पांच बोरी वितरण कर दिया गया है। शीघ्र ही एक या दो दिन में यूरिया खाद फिर समिति में पहुंच जाएगा। यही स्थिति जड़ौदा पांडा सहकारी समिति पर भी रही। यहां के एमडी योगेश कुमार चौहान ने बताया कि एक गाड़ी आई थी जो हाथोंहाथ बंट गई है। खाद की डिमांड भेज दी गई है।
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डीएपी के संकट से परेशान रहे किसानों के सामने अब यूरिया का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की उपलब्धता होने की खबर लगते ही बड़ी संख्या में किसान खाद के लिए समिति पहुंच गए। समिति पर डीएपी और यूरिया की मांग अधिक रही। सहकारी समिति बड़गांव पर मात्र 340 बोरी यूरिया की उपलब्धता कराई गई थी, जो दोपहर 12 बजे तक बांट दी गई। इसके बाद स्टाक खत्म हो गया। समिति पर डीएपी और एनपीके भी उपलब्ध ही नहीं हो रहा है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। खाद न मिलने से काफी किसान वापस लौटने को मजबूर हुए।
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उधर, सहकारी समिति सचिव राकेश कुमार का कहना है कि मंगलवार को एक गाड़ी यूरिया खाद की प्राप्त हुई थी, जिसका प्रति किसान पांच-पांच बोरी वितरण कर दिया गया है। शीघ्र ही एक या दो दिन में यूरिया खाद फिर समिति में पहुंच जाएगा। यही स्थिति जड़ौदा पांडा सहकारी समिति पर भी रही। यहां के एमडी योगेश कुमार चौहान ने बताया कि एक गाड़ी आई थी जो हाथोंहाथ बंट गई है। खाद की डिमांड भेज दी गई है।
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