सहारनपुर। हाथरस कांड के विरोध में शुक्रवार रात करीब सात बजे कई संगठनों के कार्यकर्ता काफी संख्या में कैंडल मार्च के लिए निकले। हसनपुर चौराहे पर पुलिस टीमों ने रोकने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। प्रदर्शनकारी बैरियर हटाकर आगे बढ़ने लगे तो हालात को भांपते हुए पुलिस ने खुद ही बैरियर हटा दिए और प्रदर्शनकारियों को आगे जाने दिया। प्रदर्शनकारी सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास पहुंचे और यहां मोमबत्तियां जलाकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने हाथरस कांड में सरकार और पुलिस की भूमिका पर रोष जताया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को ज्ञापन दिया गया।
संवैधानिक क्रांति सहित कई अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ वाल्मीकि समाज और अनुसूचित जाति के लोग बड़ी संख्या में कैंडल मार्च के लिए हसनपुर से निकले थे। जब वे हसनपुर चौराहे पर लगे बैरियर के पास पहुंचे तो यहां मौजूद पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर प्रदर्शनकारी और भड़क गए और आगे बढ़ने लगे। इसके चलते काफी देर तक पुलिस के साथ धक्कामुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश देख पुलिस ने बैरियर हटा दिए। इसके बाद ये प्रदर्शनकारी सिविल लाइंस चौकी के पास तक आए। यहां काफी देर तक सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के चलते करीब एक घंटे तक दिल्ली हाइवे पर जाम के हालात बने रहे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने यहां मोमबत्ती जलाकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी ने उनके बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल राहुल भारती, अमरीश चौटाला, पीयूष गौतम, ममता सहित अन्य ने कहा कि हाथरस में बिटिया के साथ जो कुछ हुुआ है। वह शर्मनाक है। वे वहां के अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दर्ज कराएंगे।