UP: 2027 के रण की तैयारी, पश्चिमी यूपी में दलों ने बढ़ाई सक्रियता, सम्मेलन और सभाओं से गरमाई राजनीति
2027 विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा की जनसभा के बाद कांग्रेस और रालोद भी कार्यकर्ता सम्मेलन और संगठन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई हैं।
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वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों ने अभी से संगठन मजबूत करने और चुनावी माहौल बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी ने देवबंद के जड़ौदा जट्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशाल जनसभा आयोजित कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
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कांग्रेस का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन
कांग्रेस पार्टी 18 मई को गागलहेड़ी में बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार इस सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव समेत कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। कांग्रेस का ध्यान युवाओं, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने पर रहेगा। पार्टी इसी रणनीति के तहत पूरे प्रदेश में कार्यकर्ता सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू करने जा रही है, जिसकी शुरुआत सहारनपुर से होने वाले इस कार्यक्रम से होगी।
राष्ट्रीय लोकदल ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी आने वाले समय में हर जिले में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रही है। किसानों और जाट बहुल क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखने वाली यह पार्टी ग्रामीण इलाकों में अपने संगठन को फिर से सक्रिय करने और युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। युवाओं को जोड़ने के लिए खेल प्रकोष्ठ की ओर से भी समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के बाद बढ़ी हलचल
देवबंद में हुए शक्ति प्रदर्शन के बाद विपक्षी दलों में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 की लड़ाई केवल चुनावी वर्ष में नहीं बल्कि उससे पहले संगठन को मजबूत करने और माहौल बनाने से तय होगी। इसी कारण आने वाले महीनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े नेताओं के दौरे, सम्मेलन और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।