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मचा कोहराम: नम आंखों से शव को किया सुपुर्द-ए-खाक, बेटे ने कहा- मौत का बदला ले सेना, तब पड़ेगी कलेजे को ठंडक

Mon, 18 Oct 2021 10:49 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 18 Oct 2021 10:49 PM IST
सार

सगीर अहमद का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में सगीर के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं सगीर के बेटे ने रोते हुए कहा कि भारतीय सेना उनके पिता की मौत का बदला लेगी तो ही परिजनों के कलेजे को ठंडक पड़ेगी।

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UP News: Sagir Ahmed was cremated in gloomy atmosphere in Saharanpur
सगीर अहमद के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। - फोटो : amar ujala

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में टारगेट किलिंग का शिकार हुए सगीर अहमद का शव सोमवार को उनके घर पहुंचा तो कोहराम मचा गया। नमाज के बाद शव को अंबाला रोड स्थित दबनी वाले कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सगीर के पुत्र जहांगीर ने कहा कि भारतीय सेना उनके पिता की मौत का बदला लेगी तो ही परिजनों के कलेजे को ठंडक पड़ेगी। 

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शहर के मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन निवासी बढ़ई सगीर अहमद की जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सोमवार की सुबह एंबुलेंस के जरिए शव लेकर सगीर अहमद के भाई नसीम और दामाद शमशाद उनके घर पहुंचे। पिता के शव को देखकर सगीर की बेटी नफीसा, नजराना, आयशा व सोबी सुबक पड़ी। चारों बेटियां और पुत्र जहांगीर पिता के शव से लिपटकर रोने लगे। रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने उन्हें सांत्वना देकर ढांढस बंधाई। पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया और सगीर के घर के बाहर भीड़ लगी रही। सुबह नौ बजे मोहल्ले की मस्जिद में नमाज के बाद सगीर के शव को अंबाला रोड स्थित दबनी वाले कब्रिस्तान के सुपुर्द-ए-खाक किया। 
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इस दौरान पार्षद मंसूर बदर, बबलू अंसारी, इमरान अंसारी, बिलाल अंसारी, शफाकत, मो. अली, सलीम, निसार अहमद, इकबाल अंसारी, इरफान अहमद, सगीर का पुत्र जहांगीर, भाई नसीम, भतीजा फैसल के अलावा रिश्तेदार व बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। 
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मिले मुआवजा और आतंकियों को सफाया कराए सरकार 
सगीर अहमद के पुत्र जहांगीर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से भारत सरकार आतंकियों का सफाया करे। उनके पिता और अन्य लोगों की मौत का बदला लिया जाए। सरकार की ओर से पीड़ित लोगों को मुआवजा और परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए।

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फर्म पर बकाया हैं सगीर के 50 हजार 
पुलवामा में सगीर एजाज अहमद वानी की फर्म में काम करता था। फर्म के मालिक पर सगीर के 50 हजार रुपये बकाया है। इस मामले में पार्षद मंसूर बदर ने जिलाधिकारी से बात कर सगीर के 50 हजार रुपये फर्म के मालिक से परिवार को दिलाए जाने की मांग की। 

दहशत: सलीम और आमिर हुए सहारनपुर के लिए रवाना 
जम्मू-कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग की वारदात के बाद गैर कश्मीरी अपने घरों को लौटने शुरू हो गए हैं। शहर के मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन निवासी आमिर भी कश्मीर में लकड़ी कटाई का काम करते हैं। उसके पिता शकूर और परिजनों ने उसे वापस बुला लिया है, जो सहारनपुर के लिए रवाना हो गया। इसी तरह पुरानी मंडी निवासी सलीम जम्मू में लकड़ी की टकाई का कार्य करता है। सलीम के परिजनों ने भी उसे तत्काल घर आने के लिए कहा है। वहीं, मृतक सगीर अहमद का भतीजा फैसल भी पुलवामा में लकड़ी फैक्टरी में काम करता था, लेकिन वह दो सप्ताह पूर्व सहारनपुर आ गया था। फैसल ने बताया कि करीब 10 लोग सहारनपुर के पुलवामा में है, जो वहां उसके संपर्क में रहे हैं। उन्हें जानकारी मिली है कि सभी आतंकियों की दहशत के कारण लौटने लगे हैं। फैसल भी अब दोबारा जम्मू-कश्मीर नहीं जाने की बात कह रहा है।

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काश, बच जाती सगीर की जान 
पुलवामा में सगीर सुबह नौ बजे ही कार्य स्थल पर पहुंच जाता था और ओवरटाइम भी करता था, जिससे उसकी अच्छी आमदनी हो जाती थी। परिजनों के मुताबिक सगीर अक्सर देर रात तक कार्य करता था, लेकिन शनिवार की शाम पांच बजे ही सगीर अपने कमरे पर आ गए थे और खाना बनाने की तैयारी करने लगे। तभी, कमरे में घुसकर आतंकी ने उन्हें गोली मार दी। अगर सगीर ने उस दिन भी देर रात तक कार्य किया होता तो शायद उसकी जान बच जाती। भतीजे फैसल के मुताबिक फोन पर पुलवामा में अन्य कर्मचारियों से हुई बातचीत से पता लगा है कि सगीर अहमद को रेकी करने के बाद मौत के घाट उतारा गया है। उस दिन वह जल्दी कमरे पर न लौटते तो शायद उनकी जान बच जाती।

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