यूपी: खनन माफिया हाजी इकबाल और भाई महमूद अली समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, ये है पूरा मामला
खनन माफिया हाजी इकबाल और उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। यह मामला हाजी इकबाल के करीबी ने दर्ज कराया है।
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सहारनपुर में खनन माफिया व पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल और उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली सहित चार लोगों के खिलाफ मिर्जापुर थाने पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट उनके पूर्व पार्टनर अमित जैन उर्फ दादू ने दर्ज कराई है।
इस संबंध में महावीर कॉलोनी निवासी अमित जैन ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि नामजद आरोपियों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बैंक अकाउंट चलाए और खनन विभाग से एमएम 11 प्रपत्र जारी कराए। हाजी इकबाल ने उन्हें आतंकित किया और बिना सहमति के लाखों रुपये की जमीन खरीदी, साथ ही कई कंपनियों व अपनी ट्रस्ट में भी पैसा लगाया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल, उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली, जगजीत सिंह निवासी जखोली सोनीपत (हरियाणा) और हाजी इकबाल के नौकर नसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
अमित जैन का दावा, इकबाल और उसका भाई करता था सारे लेन-देन
अमित जैन ने थाना मिर्जापुर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2003 और 2006 में खनन पट्टे स्वीकृत हुए थे। पट्टों की स्वीकृति नियमानुसार हुई थी। पट्टों को खनन माफिया हाजी मोहम्मद इकबाल, उसका भाई महमूद अली और रिश्तेदार नसीम निवासी मिर्जापुर संचालित करता रहा। फर्मों का भी पंजीकरण हाजी इकबाल और उसके भाई ने अपने निवास मिर्जापुर पोल पर करा रखा था, सभी पत्राचार और खनन फर्मों में वित्तीय लेन-देन एवं आयकर विभाग में भी रिटर्न महमूद अली ही जमा करता था।
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एनजीटी ने अमित पर लगाया था 50 करोड़ रुपये का जुर्माना
18 फरवरी 2016 को राष्ट्रीय हरित अभिकरण से पारित आदेश में 50 करोड़ रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति का जुर्माना उनकी फर्म पर किया गया था। अमित जैन ने बताया कि उनकी फर्म में मात्र पांच प्रतिशत की ही हिस्सेदारी थी। उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खनन विभाग में एमएम 11 फार्म जारी कराए गए।
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अमित जैन के शिकायती पत्र के आधार पर खनन माफिया हाजी इकबाल, उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। - आकाश तोमर, एसएसपी