UP: कोविड महामारी के बाद विदेशों में ड्राइविंग का क्रेज बढ़ा, इस जिले में अब तक 154 लोगों ने लिया आईडीपी
कोविड महामारी के बाद विदेश में ड्राइविंग की चाह रखने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश के लोग सऊदी अरब, यूएसए और कनाडा के में ड्राइविंग के लिए परमिट बनवा रहे हैं। पढ़ें ये रिपोर्ट।
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विदेशों में गाड़ी चलाने का क्रेज बढ़ा है। सहारनपुर में संभागीय परिवहन विभाग से इस साल अब तक 154 लोगों ने अंतराराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट लिया है। कोरोना के बाद आईडीपी की संख्या में खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सऊदी अरब, यूएसए और कनाडा के लिए लोग सबसे अधिक आईडीपी बनवा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट उसे ही जारी होता है, जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है। संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2018 से लेकर अब तक 431 लोगों ने अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाया है। कोरोना से पहले और उसके बाद आईडीपी लेने वालों की संख्या बढ़ी है।
2020 व 2021 में कोरोना रहा। इसलिए इन दोनों साल में 58 लोगों ने ही अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाया था। अधिकारियों ने बताया कि विदेश में नौकरी ही नहीं बल्कि पर्यटन पर जाने वाले भी अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट ले रहे हैं। इससे साफ है कि विदेशों में लोगों का गाड़ी चलाने को लेकर क्रेज बढ़ा है।
आईडीपी के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट के लिए वर्तमान ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। इसके साथ ही पासपोर्ट, वीजा और टिकट की कॉपी होनी चाहिए। इसके अलावा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की फीस एक हजार रुपये निर्धारित है।
किस साल में कितने बने आईडीपी
वर्ष बने आईडीपी
2018- 49
2019- 73
2020- 18
2021- 40
2022- 97
2023(अब तक)- 154
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाने को लेकर लोगों में खासा क्रेज बढ़ा है। यहीं कारण है कि हर साल आईडीपी लेने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा। वर्ष 2018 से लेकर नवंबर 2023 तक 431 लोग अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवा चुके हैं। - महेंद्र बाबू गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी