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70 फीसदी पाठ्यक्रम के आधार पर होगी यूपी बोर्ड परीक्षा
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण के चलते प्रभावित हुई छात्रों की पढ़ाई को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद इस बार 70 फीसदी कोर्स के आधार पर बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। माध्यमिक विद्यालयों ने भी दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की तैयारी 70 फीसदी कोर्स की ही कराई है। यही वजह है कि कोर्स समय से पूरा करा लिया गया है।
विद्यालयों में सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से होती है, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से माध्यमिक विद्यालयों में पठन पाठन सुचारु रूप से नहीं चल सका। कोरोना की दूसरी लहर के कारण विद्यालय बंद हो गए थे। दूसरी लहर जाने के बाद विद्यालय खुले भी तो उसके बाद जनवरी माह में फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी, जिसकी वजह से फिर से पढ़ाई प्रभावित हुई। अब बीते करीब एक माह से ही विद्यालय खुले हैं। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन करने के बाद 70 फीसदी कोर्स के आधार पर बोर्ड परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया था। माध्यमिक विद्यालयों में तैैयारी 70 फीसदी ही कोर्स की कराई गई है। भूगोल प्रवक्ता ब्रिजेश पुंडीर ने बताया कि 70 फीसदी कोर्स पूरा कराया जा चुका है। कुछ हद तक रिविजन भी कराया गया है। इन दिनों प्री बोर्ड परीक्षाएं विद्यालयों में चल रही हैं, जो छात्रों की तैयारी को आंकने में सहयोगी साबित होंगी।
मॉडल पेपर भी 70 फीसदी कोर्स पर आधारित
मॉडल पेपर दशकों से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए मददगार रहे हैं। इस बार भी कई प्रकाशनों ने दसवीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर अलग-अलग विषयों के मॉडल पेपर बाजार में उतारे हैं। मॉडल पेपर भी 70 फीसदी पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। विषय विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र मॉडल पेपर का सहारा जरूर लें, लेकिन केवल मॉडल पेपर पर निर्भर ना रहें। तैयारी के लिए सबसे बेहतर माध्यम किताबें और खुद के द्वारा तैैयार किए गए नोट्स ही हैं।
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- कोरोना के कारण प्रभावित हुए पठन पाठन को देखते हुए इस बार बोर्ड परीक्षाएं 70 फीसदी पाठ्यक्रम के आधार पर होंगी। विद्यालयों के द्वारा भी तैयारी 70 फीसदी पाठ्यक्रम की ही कराई गई है। उम्मीद है कि पाठ्यक्रम कम होने के बाद छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में ज्यादा कठिनाई नहीं आएगी और वह बेहतर परिणाम पा सकेंगे।
रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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विद्यालयों में सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से होती है, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से माध्यमिक विद्यालयों में पठन पाठन सुचारु रूप से नहीं चल सका। कोरोना की दूसरी लहर के कारण विद्यालय बंद हो गए थे। दूसरी लहर जाने के बाद विद्यालय खुले भी तो उसके बाद जनवरी माह में फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी, जिसकी वजह से फिर से पढ़ाई प्रभावित हुई। अब बीते करीब एक माह से ही विद्यालय खुले हैं। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन करने के बाद 70 फीसदी कोर्स के आधार पर बोर्ड परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया था। माध्यमिक विद्यालयों में तैैयारी 70 फीसदी ही कोर्स की कराई गई है। भूगोल प्रवक्ता ब्रिजेश पुंडीर ने बताया कि 70 फीसदी कोर्स पूरा कराया जा चुका है। कुछ हद तक रिविजन भी कराया गया है। इन दिनों प्री बोर्ड परीक्षाएं विद्यालयों में चल रही हैं, जो छात्रों की तैयारी को आंकने में सहयोगी साबित होंगी।
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मॉडल पेपर भी 70 फीसदी कोर्स पर आधारित
मॉडल पेपर दशकों से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए मददगार रहे हैं। इस बार भी कई प्रकाशनों ने दसवीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर अलग-अलग विषयों के मॉडल पेपर बाजार में उतारे हैं। मॉडल पेपर भी 70 फीसदी पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। विषय विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र मॉडल पेपर का सहारा जरूर लें, लेकिन केवल मॉडल पेपर पर निर्भर ना रहें। तैयारी के लिए सबसे बेहतर माध्यम किताबें और खुद के द्वारा तैैयार किए गए नोट्स ही हैं।
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- कोरोना के कारण प्रभावित हुए पठन पाठन को देखते हुए इस बार बोर्ड परीक्षाएं 70 फीसदी पाठ्यक्रम के आधार पर होंगी। विद्यालयों के द्वारा भी तैयारी 70 फीसदी पाठ्यक्रम की ही कराई गई है। उम्मीद है कि पाठ्यक्रम कम होने के बाद छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में ज्यादा कठिनाई नहीं आएगी और वह बेहतर परिणाम पा सकेंगे।
रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक।