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Saharanpur News: यूपी एटीएस ने शिया समुदाय के मौलाना को हिरासत में लिया, घंटों हुई पूछताछ
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- धार्मिक यात्राओं, मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट की गहनता से की जांच-पड़ताल
- एक दिन पहले ईद की नमाज के बाद अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ की थी नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। यूपी एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) ने मेरठ के पास से देवबंद के एक मौलाना को हिरासत में लिया है। मौलाना शिया समुदाय से है। बीते दिन ईद की नमाज के बाद अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी में शामिल था। उन्होंने हिजबुल्लाह के समर्थन में बयानबाजी भी की थी। एटीएस ने उसकी धार्मिक यात्राओं, मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट की गहनता से जांच की।
गांव थीतकी निवासी एक मौलाना को यूपी एटीएस ने मेरठ से देवबंद लौटते समय हिरासत में लिया। वह मेरठ के एक अस्पताल में बुआ के बीमार बेटे का हालचाल जानने के लिए गया था। बताया गया कि मौलाना ने गांव थीतकी में ईद के दिन आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के समर्थन में बयानबाजी की थी। युवाओं को विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया था, जिसके बाद वहां लोगों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी। सूत्रों का दावा है कि कई देशों की धार्मिक यात्रा कर चुके मौलाना से एटीएस ने लंबी पूछताछ की।
सोशल मीडिया पर युवाओं को भड़काने वाली वीडियो अपलोड करने, धार्मिक यात्राओं और स्थानों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही एटीएस ने मौलाना के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की गहनता से जांच की। मौलाना ने ईरान की अल मुस्तफा विश्वविद्यालय में सात साल तक धार्मिक पढ़ाई की है। इस बीच उसने इराक, कतर, ओमान और दुबई की यात्रा भी की। बताया गया है कि पूछताछ के बाद मौलाना को छोड़ दिया। हालांकि इस संबंध में अधिकारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है, जबकि मौलाना के रिश्तेदार पूर्व राज्यमंत्री सैयद ईसा रजा ने मौलाना को हिरासत में लिए जाने और पूछताछ के बाद छोड़े जाने की पुष्टि की है।
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-- कैंडल मार्च निकालने की मांगी थी अनुमति
पाकिस्तान के इस्लामाबाद मस्जिद में हुए बम धमाके में मारे गए शिया समुदाय के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौलाना ने नौ फरवरी को एसडीएम को पत्र देकर कैंडल मार्च निकाले जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद से मौलाना खुफिया एजेंसियों के रडार पर आ गया था। एटीएस समेत कई खुफिया एजेंसी उसके पीछे लगी थीं।
-- चार लोगों को किया मुचलकों में पाबंद
ईद के दिन ईरानी नेता आयतुल्ला खामनेई की मौत को लेकर नारेबाजी के मामले में पुलिस ने थीतकी गांव के चार लोगों को मुचलकों में पाबंद किया है। पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार लोगों पर यह कार्रवाई की गई है।
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- एक दिन पहले ईद की नमाज के बाद अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ की थी नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। यूपी एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) ने मेरठ के पास से देवबंद के एक मौलाना को हिरासत में लिया है। मौलाना शिया समुदाय से है। बीते दिन ईद की नमाज के बाद अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी में शामिल था। उन्होंने हिजबुल्लाह के समर्थन में बयानबाजी भी की थी। एटीएस ने उसकी धार्मिक यात्राओं, मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट की गहनता से जांच की।
गांव थीतकी निवासी एक मौलाना को यूपी एटीएस ने मेरठ से देवबंद लौटते समय हिरासत में लिया। वह मेरठ के एक अस्पताल में बुआ के बीमार बेटे का हालचाल जानने के लिए गया था। बताया गया कि मौलाना ने गांव थीतकी में ईद के दिन आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के समर्थन में बयानबाजी की थी। युवाओं को विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया था, जिसके बाद वहां लोगों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी। सूत्रों का दावा है कि कई देशों की धार्मिक यात्रा कर चुके मौलाना से एटीएस ने लंबी पूछताछ की।
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सोशल मीडिया पर युवाओं को भड़काने वाली वीडियो अपलोड करने, धार्मिक यात्राओं और स्थानों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही एटीएस ने मौलाना के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की गहनता से जांच की। मौलाना ने ईरान की अल मुस्तफा विश्वविद्यालय में सात साल तक धार्मिक पढ़ाई की है। इस बीच उसने इराक, कतर, ओमान और दुबई की यात्रा भी की। बताया गया है कि पूछताछ के बाद मौलाना को छोड़ दिया। हालांकि इस संबंध में अधिकारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है, जबकि मौलाना के रिश्तेदार पूर्व राज्यमंत्री सैयद ईसा रजा ने मौलाना को हिरासत में लिए जाने और पूछताछ के बाद छोड़े जाने की पुष्टि की है।
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पाकिस्तान के इस्लामाबाद मस्जिद में हुए बम धमाके में मारे गए शिया समुदाय के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौलाना ने नौ फरवरी को एसडीएम को पत्र देकर कैंडल मार्च निकाले जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद से मौलाना खुफिया एजेंसियों के रडार पर आ गया था। एटीएस समेत कई खुफिया एजेंसी उसके पीछे लगी थीं।
ईद के दिन ईरानी नेता आयतुल्ला खामनेई की मौत को लेकर नारेबाजी के मामले में पुलिस ने थीतकी गांव के चार लोगों को मुचलकों में पाबंद किया है। पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार लोगों पर यह कार्रवाई की गई है।