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Saharanpur News: लावारिस अस्थियों को मां गंगा की गोद में मिलेगा मोक्ष
Sat, 13 Jun 2026 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:35 AM IST
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सहारनपुर। कई वर्षों से मोक्ष की तलाश में श्मशान घाटों में रखी अस्थियों को मां गंगा की गोद मिलेगी। युवा पार्षद एवं भाजयुमो महामंत्री राहुल झाम्ब और समाजसेवी सचिन जुनेजा ने विभिन्न श्मशान घाटों पर वर्षो से रखी लावारिस अस्थियों के विसर्जन का संकल्प लिया है। उन्होंने मानवता, संवेदनशीलता और सनातन परंपरा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। अज्ञात दिवंगत आत्माओं की अस्थियों को विधि-विधान के साथ मां गंगा में प्रवाहित किया जाएगा।
राहुल झाम्ब और सचिन जुनेजा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के नुमाइश कैंप, हकीकत नगर, बाबा लाल दास का बाड़ा सहित विभिन्न श्मशान घाटों में लावारिस अस्थियां वर्षो से सुरक्षित रखी हुई हैं। ये अस्थियां वह हैं, जिनके स्वजनों का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस द्वारा नियमानुसार 72 घंटे तक परिजनों की तलाश और प्रतीक्षा के बाद नगर निगम ने इन अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कराया था, लेकिन अस्थियों का विसर्जन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में अस्थि विसर्जन को आत्मा की शांति और मोक्ष से जोड़ा जाता है। परिजन न होने के कारण ये अस्थियां वर्षो से श्मशान घाटों में ही रखी थी। उन्होंने बताया कि सभी लावारिस अस्थियों को शीघ्र ही हरिद्वार के कनखल स्थित पवित्र सती घाट ले जाया जाएगा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां गंगा में उनका विसर्जन किया जाएगा।
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राहुल झाम्ब और सचिन जुनेजा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के नुमाइश कैंप, हकीकत नगर, बाबा लाल दास का बाड़ा सहित विभिन्न श्मशान घाटों में लावारिस अस्थियां वर्षो से सुरक्षित रखी हुई हैं। ये अस्थियां वह हैं, जिनके स्वजनों का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस द्वारा नियमानुसार 72 घंटे तक परिजनों की तलाश और प्रतीक्षा के बाद नगर निगम ने इन अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कराया था, लेकिन अस्थियों का विसर्जन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में अस्थि विसर्जन को आत्मा की शांति और मोक्ष से जोड़ा जाता है। परिजन न होने के कारण ये अस्थियां वर्षो से श्मशान घाटों में ही रखी थी। उन्होंने बताया कि सभी लावारिस अस्थियों को शीघ्र ही हरिद्वार के कनखल स्थित पवित्र सती घाट ले जाया जाएगा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां गंगा में उनका विसर्जन किया जाएगा।
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