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Saharanpur News: राजकीय नलकूप के रिबोर को लेकर दो पक्ष आए आमने- सामने
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संवाद न्यूज एजेंसी
तीतरों। गांव रादौर स्थित राजकीय नलकूप की भूमि स्वामित्व और बोरिंग के मुद्दे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए।
ग्रामीणों मांगेराम, बाबूराम, राकेश कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश सैनी, गोरधन सिंह आदि का कहना है कि लगभग 42 वर्ष पुराने इस राजकीय नलकूप का बोरिंग पूरी तरह से ठप हो गया था, लेकिन मौके पर उसका भवन यथास्थिति में मौजूद है। इसी दौरान भूमि स्वामी ने अपनी निजी ट्यूबवैल स्थापित करके पानी किराए पर देने का जरिया बना लिया।
किसानों का कहना है कि सरकारी नलकूप के ठप होने के बाद से किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा था। किसानों ने जल निगम से मिलकर मांग की थी कि राजकीय नलकूप को पुराने स्थान पर ही चालू किया जाए, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। किसानों के खेतों में सिंचाई कार्य प्रभावित होने पर ग्राम प्रधान की मांग पर क्षेत्रीय विधायक ने सिंचाई विभाग से रिबोर की मंजूरी करा दी।
भूमि स्वामी ने रिबोर का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सरकारी ट्यूबवैल के लिए अपनी भूमि का न तो कोई एग्रीमेंट किया था और न ही भूमि का अधिग्रहण हुआ था। उनका आरोप है कि कुछ लोग उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं।
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चार दिन पूर्व ही सिंचाई विभाग के चालक ने पुलिस को तहरीर देकर भूमि स्वामी पक्ष पर भवन की ईटें उखाड़ने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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तीतरों। गांव रादौर स्थित राजकीय नलकूप की भूमि स्वामित्व और बोरिंग के मुद्दे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए।
ग्रामीणों मांगेराम, बाबूराम, राकेश कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश सैनी, गोरधन सिंह आदि का कहना है कि लगभग 42 वर्ष पुराने इस राजकीय नलकूप का बोरिंग पूरी तरह से ठप हो गया था, लेकिन मौके पर उसका भवन यथास्थिति में मौजूद है। इसी दौरान भूमि स्वामी ने अपनी निजी ट्यूबवैल स्थापित करके पानी किराए पर देने का जरिया बना लिया।
किसानों का कहना है कि सरकारी नलकूप के ठप होने के बाद से किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा था। किसानों ने जल निगम से मिलकर मांग की थी कि राजकीय नलकूप को पुराने स्थान पर ही चालू किया जाए, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। किसानों के खेतों में सिंचाई कार्य प्रभावित होने पर ग्राम प्रधान की मांग पर क्षेत्रीय विधायक ने सिंचाई विभाग से रिबोर की मंजूरी करा दी।
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भूमि स्वामी ने रिबोर का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सरकारी ट्यूबवैल के लिए अपनी भूमि का न तो कोई एग्रीमेंट किया था और न ही भूमि का अधिग्रहण हुआ था। उनका आरोप है कि कुछ लोग उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं।
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चार दिन पूर्व ही सिंचाई विभाग के चालक ने पुलिस को तहरीर देकर भूमि स्वामी पक्ष पर भवन की ईटें उखाड़ने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।