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Saharanpur News: कोरोना काल के दौरान बंद दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन अभी तक नहीं
Thu, 25 Dec 2025 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 25 Dec 2025 12:48 AM IST
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सहारनपुर। कोरोना काल के दौरान बंद दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। इनका संचालन कराने के लिए जनप्रतिनिधि भी अंबाला मंडल मुख्यालय को पत्र भेज चुके हैं। ये ट्रेनें शुरू हो जाएं तो यात्रियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही रेलवे के राजस्व बढ़ेगा। दोनों ट्रेनें बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कोरोना का संक्रमण शुरू होने पर मार्च-2020 में संपूर्ण लॉकडाउन और उस दौरान उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण प्रभावित हुई परिवहन व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आई है। ट्रेनों का कम होना यात्रियों को अखर रहा है। सहारनपुर से गुजरने वाली ट्रेन नंबर 54539-40 निजामुद्दीन-अंबाला और 54541-42 मेरठ-अंबाला पैसेंजर कोरोना से पहले चलती थीं। इन दो जोड़ी ट्रेनों से रोजाना औसतन तीन हजार से अधिक यात्री आना-जाना करते थे।
ये दोनों ट्रेनें सहारनपुर, अंबाला, यमुनानगर, देवबंद, मुजफ्फरनगर और मेरठ के यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद थी। नौकरीपेशा भी इन ट्रेनों से जाते थे। कोरोना के दौरान बंद ट्रेनें आज तक पटरी पर दोबारा लौटकर नहीं आई है। इनके बंद होने से दैनिक यात्री परेशान हैं। इन ट्रेनों के संचालन को लेकर हरियाणा के जनप्रतिनिधि अंबाला मंडल मुख्यालय को पत्र भेजा था। मुख्यालय ने स्थानीय स्तर पर दोनों ट्रेनों की समय सारिणी मांगी गई थी, जो मुख्यालय को उपलब्ध कराई थी। उच्च स्तर पर अभी तक ट्रेनों का संचालन ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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-- ट्रेनों का संचालन होना बेहद जरूरी
हसनपुर चुंगी निवासी जहांगीर का कहना है कि सुबह साढ़े आठ बजे पैसेंजर ट्रेन अंबाला के लिए रवाना होती थी। इससे छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोगों को काफी सहूलियत मिलती थी। ट्रेन बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नुमाइश कैंप निवासी भारत गोगिया ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों से काफी यात्री सफर करते हैं। कोरोना काल के दौरान बंद हुई ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
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कोरोना का संक्रमण शुरू होने पर मार्च-2020 में संपूर्ण लॉकडाउन और उस दौरान उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण प्रभावित हुई परिवहन व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आई है। ट्रेनों का कम होना यात्रियों को अखर रहा है। सहारनपुर से गुजरने वाली ट्रेन नंबर 54539-40 निजामुद्दीन-अंबाला और 54541-42 मेरठ-अंबाला पैसेंजर कोरोना से पहले चलती थीं। इन दो जोड़ी ट्रेनों से रोजाना औसतन तीन हजार से अधिक यात्री आना-जाना करते थे।
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ये दोनों ट्रेनें सहारनपुर, अंबाला, यमुनानगर, देवबंद, मुजफ्फरनगर और मेरठ के यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद थी। नौकरीपेशा भी इन ट्रेनों से जाते थे। कोरोना के दौरान बंद ट्रेनें आज तक पटरी पर दोबारा लौटकर नहीं आई है। इनके बंद होने से दैनिक यात्री परेशान हैं। इन ट्रेनों के संचालन को लेकर हरियाणा के जनप्रतिनिधि अंबाला मंडल मुख्यालय को पत्र भेजा था। मुख्यालय ने स्थानीय स्तर पर दोनों ट्रेनों की समय सारिणी मांगी गई थी, जो मुख्यालय को उपलब्ध कराई थी। उच्च स्तर पर अभी तक ट्रेनों का संचालन ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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हसनपुर चुंगी निवासी जहांगीर का कहना है कि सुबह साढ़े आठ बजे पैसेंजर ट्रेन अंबाला के लिए रवाना होती थी। इससे छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोगों को काफी सहूलियत मिलती थी। ट्रेन बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नुमाइश कैंप निवासी भारत गोगिया ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों से काफी यात्री सफर करते हैं। कोरोना काल के दौरान बंद हुई ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।