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Saharanpur News: दो किमी भूमि कराई कब्जामुक्त, एक पर किसानों का कब्जा
Tue, 03 Sep 2024 03:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 03 Sep 2024 03:34 AM IST
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तीतरों। निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे में अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के लिए धरनारत किसानों के बीच पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को तीन किमी भूमि में से दो किमी भूमि को कब्जामुक्त कराकर हाईवे अथाॅरिटी के सुपुर्द कर दिया है। इसके अलावा एक किमी जमीन पर किसानों का कब्जा है। हालांकि इसमें वाहनों के लिए आठ मीटर का रास्ता छोड़ने पर सहमति बन गई है।
बता दें, कि तीतरों के ग्राम कलसी में किसान पिछले 66 दिनों से हाईवे का निर्माण कार्य ठप कराकर अपनी भूमि के मुआवजे के लिए धरना दे रहे हैं। सोमवार को हाईवे अथाॅरिटी व प्रशासन के अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से भूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए कहा, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम नकुड़ संगीता राघव ने तहसील क्षेत्र के थानों सहित नानौता व रामपुर मनिहारान थानों की पुलिस को मौके पर बुला लिया। एसडीएम ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश हैं कि किसी भी सूरत में भूमि को कब्जा मुक्त करा कर हाईवे अथाॅरिटी को सौंपा जाए।
प्रशासन की सख्ती और भारी पुलिस बल देख किसान बैकफुट पर आ गए। उन्होंने तीन किमी की परिधि के बजाय एक किमी तक ही कब्जा रखकर धरना देने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में हाईवे के समतलीकरण के कार्य को शुरू कराया। एसडीएम संगीता राघव ने बताया कि किसानों ने अपनी मांगें अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए समय मांगा है। ऐसे में 15 सदस्य किसानों के प्रतिनिधिमंडल की सूची जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। ताकि वार्ता के बाद किसान अपना धरना समाप्त कर दें।
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एसडीएम ने बताया कि बाकी की एक किलोमीटर दूरी में भी किसानों से वाहनों की आवाजाही के लिए आठ मीटर चौड़ा रास्ता देने में कोई व्यवधान न डालने की सहमति बनी है। इस मौके पर सीओ एसएन वैभव पांडेय, तहसीलदार जसमेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा, एनएचआई अधिकारी व भारी पुलिस व पीएसी बल मौजूद रहा।
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धारा 288 का बोर्ड लगाने पर एसडीएम ने जताई नाराजगी
कलसी में किसानों द्वारा भाकियू की धारा 288 का बोर्ड लगाने पर भी एसडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन किसानों ने अधिकारियों को टारगेट करने के लिए बोर्ड लगाया था, जो पुलिस अधिकारियों के आदेश पर हटाया गया।
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किसान बोले ,भाकियू की समीक्षा बैठक का अधिकारियों ने उठाया फायदा
किसानों का कहना था कि सोमवार को प्रशासन भाकियू की समीक्षा बैठक में पदाधिकारियों के होने का लाभ उठाकर उन्हें डराकर भूमि पर काबिज हो गया है। उनके अधिकांश साथी बैठक में थे। किसानों का कहना है कि मुआवजे का मुद्दा किसानों की पंचायत बुलाकर उसमें रखा जाएगा। भूमि को मुफ्त में हाईवे अथाॅरिटी को नही देंगे। धरना 66 दिनों से चल रहा है, जो निरंतर चलता रहेगा। बाल्लू व कलसी की महिलाओं उर्मिला, मूर्ति, कौशल देवी, पूनम देवी, सीता देवी, फूलकली, मेमता, सुरेशो ने फरवरी माह में बाल्लू गांव से प्रशासन द्वारा कब्जा लेने के दौरान गेहूं की नष्ट की गई फसल के मुआवजे की मांग की।
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बता दें, कि तीतरों के ग्राम कलसी में किसान पिछले 66 दिनों से हाईवे का निर्माण कार्य ठप कराकर अपनी भूमि के मुआवजे के लिए धरना दे रहे हैं। सोमवार को हाईवे अथाॅरिटी व प्रशासन के अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से भूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए कहा, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम नकुड़ संगीता राघव ने तहसील क्षेत्र के थानों सहित नानौता व रामपुर मनिहारान थानों की पुलिस को मौके पर बुला लिया। एसडीएम ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश हैं कि किसी भी सूरत में भूमि को कब्जा मुक्त करा कर हाईवे अथाॅरिटी को सौंपा जाए।
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प्रशासन की सख्ती और भारी पुलिस बल देख किसान बैकफुट पर आ गए। उन्होंने तीन किमी की परिधि के बजाय एक किमी तक ही कब्जा रखकर धरना देने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में हाईवे के समतलीकरण के कार्य को शुरू कराया। एसडीएम संगीता राघव ने बताया कि किसानों ने अपनी मांगें अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए समय मांगा है। ऐसे में 15 सदस्य किसानों के प्रतिनिधिमंडल की सूची जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। ताकि वार्ता के बाद किसान अपना धरना समाप्त कर दें।
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एसडीएम ने बताया कि बाकी की एक किलोमीटर दूरी में भी किसानों से वाहनों की आवाजाही के लिए आठ मीटर चौड़ा रास्ता देने में कोई व्यवधान न डालने की सहमति बनी है। इस मौके पर सीओ एसएन वैभव पांडेय, तहसीलदार जसमेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा, एनएचआई अधिकारी व भारी पुलिस व पीएसी बल मौजूद रहा।
धारा 288 का बोर्ड लगाने पर एसडीएम ने जताई नाराजगी
कलसी में किसानों द्वारा भाकियू की धारा 288 का बोर्ड लगाने पर भी एसडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन किसानों ने अधिकारियों को टारगेट करने के लिए बोर्ड लगाया था, जो पुलिस अधिकारियों के आदेश पर हटाया गया।
किसान बोले ,भाकियू की समीक्षा बैठक का अधिकारियों ने उठाया फायदा
किसानों का कहना था कि सोमवार को प्रशासन भाकियू की समीक्षा बैठक में पदाधिकारियों के होने का लाभ उठाकर उन्हें डराकर भूमि पर काबिज हो गया है। उनके अधिकांश साथी बैठक में थे। किसानों का कहना है कि मुआवजे का मुद्दा किसानों की पंचायत बुलाकर उसमें रखा जाएगा। भूमि को मुफ्त में हाईवे अथाॅरिटी को नही देंगे। धरना 66 दिनों से चल रहा है, जो निरंतर चलता रहेगा। बाल्लू व कलसी की महिलाओं उर्मिला, मूर्ति, कौशल देवी, पूनम देवी, सीता देवी, फूलकली, मेमता, सुरेशो ने फरवरी माह में बाल्लू गांव से प्रशासन द्वारा कब्जा लेने के दौरान गेहूं की नष्ट की गई फसल के मुआवजे की मांग की।