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महानगर में बनाए जाएंगे दो ग्रीन कॉरिडोर
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--50 ग्रीन बेल्ट और दस मियावाकी बन बनेंगे
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। महानगर को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लिए नगर निगम ने एक अद्भुत पहल शुरू की है। महानगर में दो बडे़ ग्रीन कॉरिडोर बनाने के अलावा अलग-अलग पचास स्थानों पर हरित पट्टियां (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जा रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में हरित पट्टियां विकसित करने और दो बड़े ग्रीन कॉरिडोर बनाने का यह कार्य देश में अपने तरह का प्रथम प्रयास है।
योजना के तहत महानगर में जापानी पद्धति पर चार मियावाकी वन बनाए जा चुके हैं तथा छह अन्य के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। आईटीसी पानी संस्थान के सहयोग से महानगर के 45 तालाबों का जीर्णोद्धार कर उनके चारों ओर पौधरोपण व सुंदरीकरण तथा पार्कों का जीर्णोद्धार कर उनमें हरियाली बढ़ाने का कार्य भी इसी अभियान का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हरित पट्टियों के विकसित होने और दो बड़े ग्रीन कॉरिडोर बनने और मियावाकी व पार्कों के विकसित होने के बाद सहारनपुर प्रदेश का पहला ऐसा महानगर होगा जो कार्बन न्यूट्रल होने के दरवाजे पर खड़ा होगा। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में अलग अलग 50 स्थानों पर ग्रीन बेल्ट विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा महानगर में दो ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए जा रहे हैं। पहला कॉरिडोर आंबेडकर चौक से नौगजा पीर तक लगभग 12 किमी लंबा होगा और दूसरा कॉरिडोर सर्किट हाउस से नवादा रोड स्थित कान्हा उपवन गोशाला तक करीब छह किलोमीटर लंबा होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का कार्य केवल सड़कों व नालियों की सफाई तक ही सीमित नहीं है। निगम का कार्य अपने शहर के लोगों को शुद्ध प्राण वायु (ऑक्सीजन) उपलब्ध कराना और उन्हें स्वस्थ रखने की दिशा में भी कार्य करना है। नगरायुक्त ने कहा कि नगर निगम ‘ग्रीन सहारनपुर-क्लीन सहारनपुर’ की अवधारणा को केवल नारे तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए भी दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और अपने घर तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने की अपील की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। महानगर को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लिए नगर निगम ने एक अद्भुत पहल शुरू की है। महानगर में दो बडे़ ग्रीन कॉरिडोर बनाने के अलावा अलग-अलग पचास स्थानों पर हरित पट्टियां (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जा रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में हरित पट्टियां विकसित करने और दो बड़े ग्रीन कॉरिडोर बनाने का यह कार्य देश में अपने तरह का प्रथम प्रयास है।
योजना के तहत महानगर में जापानी पद्धति पर चार मियावाकी वन बनाए जा चुके हैं तथा छह अन्य के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। आईटीसी पानी संस्थान के सहयोग से महानगर के 45 तालाबों का जीर्णोद्धार कर उनके चारों ओर पौधरोपण व सुंदरीकरण तथा पार्कों का जीर्णोद्धार कर उनमें हरियाली बढ़ाने का कार्य भी इसी अभियान का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हरित पट्टियों के विकसित होने और दो बड़े ग्रीन कॉरिडोर बनने और मियावाकी व पार्कों के विकसित होने के बाद सहारनपुर प्रदेश का पहला ऐसा महानगर होगा जो कार्बन न्यूट्रल होने के दरवाजे पर खड़ा होगा। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में अलग अलग 50 स्थानों पर ग्रीन बेल्ट विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा महानगर में दो ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए जा रहे हैं। पहला कॉरिडोर आंबेडकर चौक से नौगजा पीर तक लगभग 12 किमी लंबा होगा और दूसरा कॉरिडोर सर्किट हाउस से नवादा रोड स्थित कान्हा उपवन गोशाला तक करीब छह किलोमीटर लंबा होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का कार्य केवल सड़कों व नालियों की सफाई तक ही सीमित नहीं है। निगम का कार्य अपने शहर के लोगों को शुद्ध प्राण वायु (ऑक्सीजन) उपलब्ध कराना और उन्हें स्वस्थ रखने की दिशा में भी कार्य करना है। नगरायुक्त ने कहा कि नगर निगम ‘ग्रीन सहारनपुर-क्लीन सहारनपुर’ की अवधारणा को केवल नारे तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए भी दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और अपने घर तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने की अपील की है।
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