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गैर इरादतन हत्या के दो दोषियों को सुनाई सजा
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सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या - 09) कल्पना पांडेय की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी दो लोगों को 10 - 10 साल का कारावास सुनाया है। साथ ही दोनों पर 10- 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी के मुताबिक चिलकाना थाना क्षेत्र के गांव चौरी मंडी निवासी रविंद्र ने अप्रैल 2015 को चिलकाना थाने पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई कुलदीप गांव के ही दुग्गीराम के घर पर गया था। वहां से अपने घर लौटने के बाद उसके भाई को बदनाम किया गया। आरोप है कि फिर उनके घर पर आकर दुग्गीराम और इनके साथियों ने कुलदीप पर हमला किया और पेट में छुरी घोंप दी थी। गंभीर रूप से घायल कुलदीप की दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या 09) कल्पना पांडेय की अदालत में चला। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली का अवलोकन कर साक्ष्यों के आधार पर दुग्गीराम और मंगलू को दोषी माना। दोनों दोषियों को दस दस साल की सजा और दस दस हजार रुपये अर्थदंड किया गया है। वहीं, इस मामले में एक और आरोपी अरविंद का मुकदमा पूर्व में ही प्रथक किया जा चुका है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी के मुताबिक चिलकाना थाना क्षेत्र के गांव चौरी मंडी निवासी रविंद्र ने अप्रैल 2015 को चिलकाना थाने पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई कुलदीप गांव के ही दुग्गीराम के घर पर गया था। वहां से अपने घर लौटने के बाद उसके भाई को बदनाम किया गया। आरोप है कि फिर उनके घर पर आकर दुग्गीराम और इनके साथियों ने कुलदीप पर हमला किया और पेट में छुरी घोंप दी थी। गंभीर रूप से घायल कुलदीप की दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या 09) कल्पना पांडेय की अदालत में चला। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली का अवलोकन कर साक्ष्यों के आधार पर दुग्गीराम और मंगलू को दोषी माना। दोनों दोषियों को दस दस साल की सजा और दस दस हजार रुपये अर्थदंड किया गया है। वहीं, इस मामले में एक और आरोपी अरविंद का मुकदमा पूर्व में ही प्रथक किया जा चुका है।
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