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गोलीबारी के बावजूद साहस दिखाकर फहराया था थेपुरा में तिरंगा

Thu, 17 Dec 2020 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 12:11 AM IST
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Tricolor was hoisted in thepura amid firing
- कारोबारी सचिन मिनोचा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। हमारी बटालियन वाघा बॉर्डर पर तैनात थी। दुश्मन सेना की तरफ से गोलीबारी की जा रही थी। जिसका भारतीय सैनिक भी करारा जवाब दे रहे थे। आसपास के गांवों को पहले ही खाली करा दिया गया था। पहले तो राजाताल गांव में तैनाती हुई फिर थेपुरा में। दोनों ही जगह जवानों ने दुश्मन सैनिकों को मुंह तोड़ जवाब देते हुए तिरंगा फहराया था। 1971 के भारत पाक युद्ध की यह बातें सेना की 16 ग्रेनेडियर्स यूनिट में रहे सैनिक हरवीर सिंह ने बताई।
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गांव टिकरौल निवासी हरवीर सिंह ने बताया कि वह अक्तूबर 1970 में सेना में भर्ती हुए और उसके बाद उनकी तैनाती बाघा बॉर्डर पर हो गई थी। इसी दौरान 1971 में पांच और छह दिसंबर को जीवन सिंह किला पर छापा मारने का आदेश मिला। इसके लिए 25 जवानों को चुना गया, जिनमें प्लाटून कमांडर सूबेदार धर्मा, सीएचएम धर्मपाल, क्यूएम प्रताप सिंह, हरवीर सिंह, नीना सिंह, सुबेर सिंह, भूप सिंह, गजे सिंह आदि शामिल थे। इस कार्रवाई में दो जवान भूप सिंह और गजे सिंह शहीद हो गए थे और उनकी राइफल भी दुश्मन के क्षेत्र में रह गई थी। इसके बाद रात में सीमा पर सरकंडों में आग लगाई गई, तब गजे सिंह की राइफल मिली थी। इसके बाद दूसरे अटैक की तैयारी हुई, जो गोरखा और डोगरा बटालियन ने किया।
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- युद्ध बंदियों को मुक्त कराकर भारत लाया जाए
सहारनपुर। फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी सहित 54 युद्ध बंदियों को पाकिस्तान की जेलों से मुक्त कराकर भारत लाए जाने की मांग की गई है। इस संबंध में फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट कमेटी ने मंडलायुक्त एवी राजमौलि को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। उसमें बताया कि पूर्व में भी रक्षा मंत्री ने युद्ध बंदियों को वापस लाने की बात कही थी, लेकिन कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। इन बंदियों में सहारनपुर के फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी भी शामिल हैं, जो 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के एक हवाई अड्डे को नष्ट करके लौट रहे थे तो उनके विमान पर दुश्मन सेना ने हमला कर दिया था। तब सुधीर त्यागी का अंतिम संदेश मिला था प्लेन हिटेड वेलिंग आउट। उसके बाद से सुधीर त्यागी लापता हैं। ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट नरेंद्र कौशिक, भाजपा नेता सुनील गुप्ता, पीपी सिंह, आरिफ खान, सुरेश त्यागी, राजीव त्यागी एडवोकेट, बिजेंद्र त्यागी, चौधरी ईशान, असद खान और खलील सागर आदि शामिल रहे।
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कर्नल मधुर गोयल के साहस पर लिखी गई किताब
सहारनपुर। सेना मेडल से सम्मानित सहारनपुर के आवास विकास कॉलोनी निवासी कर्नल मधुर गोयल द्वारा सेना में दी सेवाओं और उनके सफर को लेकर किताब लिखी गई है। यह पुस्तक, एक सैनिक की यात्रा शीर्षक से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है, उसमें सियाचिन ग्लेशियर युद्ध और कश्मीर वादियों में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में अपने जवानों का नेतृत्व करने के उनके अनुभव शामिल हैं। वह कहते हैं, ग्लेशियर और कश्मीर के अनेक अभियानों में कुछ ऐसे अवसर आए जहां बचना नामुमकिन था, लेकिन प्रशिक्षण और मानसिक मजबूती ने हर मोर्चे पर सफलता दिलाई। वह वीरता पुरस्कार से सम्मानित किए गए थे।

- कारोबारी मोहित खुल्लर

- कारोबारी मोहित खुल्लर- फोटो : SAHARANPUR

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