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खतरों से भरा है सहारनपुर के पुलों पर सफर

Sun, 10 Nov 2019 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 11:42 PM IST
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Travel on the bridges of Saharanpur is full of dangers
खलासी लाइन ओवर ब्रिज का क्षतिग्रस्त पुल। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महानगर के मेला गुघाल, ढमोला नदी और नागदेवी नदी पुल से सफर करना खतरे से खाली नहीं है। इन पुलों पर जगह-जगह खतरा है। इसके लिए सूचक बोर्ड भी लगाए हैं, जिन पर लिखा है कि पुल क्षतिग्रस्त हैं और भारी वाहनों प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद पांच राज्यों के छोटे-बड़े सभी तरह के वाहनों का इन पुलों से संचालन हो रहा है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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वर्षों से पुलों को ठीक कराए जाने की मांग उठती रही है। ये पुल वाहनों के दबाव में हैं और हादसों को दावत दे रहे हैं। इन तीनों पुलों से रोजाना जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बड़े-छोटे सभी तरह के वाहनों का संचालन होता है। इन पुलों पर सड़क में सरिये निकले हुए हैं तो कहीं पर फुटपाथ टूट चुके हैं और रेलिंग भी गायब है। पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बची है। पथ प्रकाश के लिए लगे बिजली के खंभों से भी तार बाहर निकल रहे हैं।
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कई बार कर चुके है मांग
सहारनपुर। सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के हकीकत नगर क्षेत्र के अध्यक्ष वीरेंद्र बहल और दवा कारोबारी प्रवीन खुराना का कहना है कि पुलों को ठीक कराए जाने की मांग को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेज चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। रात के समय पुलों पर सफर करना अत्यधिक खतरनाक होता है। पंत विहार निवासी समाजसेवी राकेश शर्मा का कहना है कि तीनों पुल अति महत्वपूर्ण है, लेकिन इन दिनों पुलों की हालत खराब है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
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मेला गुघाल पुल पर से निकलना जोखिम भरा
सहारनपुर। अंबाला-देहरादून हाईवे पर स्थित मेला गुघाल पुल अति महत्वपूर्ण है। इस पुल का निर्माण 50 वर्ष पूर्व हुआ था। पहले यहां रेलवे फाटक होता था। इस पुल से पांच राज्यों के वाहन गुजरते हैं। कई जगहों पर पुल की रेलिंग टूटी पड़ी है और फुटपाथ से सरिए निकल रहे हैं। फुटपाथ में गहरे गड्ढे हो गए, जिस कारण नीचे से गुजर रहा रेलवे ट्रैक नजर आता है। पैदल निकलने वाले लोगों के लिए अत्यधिक खतरा बना हुआ है। दो वर्ष पहले पुल से एक ट्रक पलटकर नीचे मेला गुघाल परिसर में गिर गया था।
ढमोला नदी पुल की हालत भी बदहाल, आई दरार
सहारनपुर। इसी तरह ढमोला नदी पुल की हालत भी बदहाल है। शहर के बीचोबीच स्थित इस पुल से भी पांच राज्यों के वाहन गुजरते हैं। इस पुल का निर्माण 40 वर्ष पूर्व हुआ था। इसके बराबर में पुुराना पुल भी है, जिस पर छोटे वाहनों का संचालन होता है। बड़े पुल पर एक तरफ की फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुकी है और जनकनगर मोड़ पर पुल की रेलिंग टूटी पड़ी है। पुल के एक हिस्से में नीचे की तरफ दरार भी आ चुकी है, जो छोटे पुल से साफ दिखाई देती है। इस पुल से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे पैदल ही सफर करते हैं क्योंकि, पास में ही सतयुग आश्रम मॉडल इंटर कॉलेज है। जनक नगर में तीन निजी स्कूल हैं। फुटपाथ न होने की वजह से बच्चों को पुल पर सड़क किनारे चलकर पुल पार करना पड़ता है। पुल से हर समय भारी वाहनों का संचालन होता है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। रात में ट्रैक्टर-ट्रालियां और ओवर लोडेड वाहन पुल पर पलट चुके हैं।
नागदेव नदी के पुल की हालत ज्यादा खराब
सहारनपुर। अंबाला-देहरादून हाईवे पर नागदेवी नदी पुल की हालत ज्यादा खराब है। यह पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पुल को बनाए जाने की मांग कई बार उठ चुकी है। पूर्व विधायक राजीव गुंबर सहित अनेक संगठनों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केेशव प्रसाद मौर्य से पुल को दोबारा बनाए जाने की मांग कर चुके हैं। यह पुल देश की आजादी से पूर्व बना था। उधर, लोक निर्माण विभाग का दावा है कि नागदेवी नदी के पुल को दोबारा बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार शासन को भेज दिया है। जल्द पुल पर काम शुरू होगा।
अन्य पुल भी उपेक्षा का शिकार
सहारनपुर। इनके अलावा महानगर के शारदानगर पुल पर कई जगहों सड़क में सरिए निकल रहे हैं, जिससे कभी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कोर्ट रोड स्थित कचहरी पुल पर भी कई जगह रेलिंग टूटी पड़ी है। इसके अलावा ढमोला नदी पर बना बेरीबाग पुल से सफर करना भी जोखिम भरा है। लिंक रोड की तरफ बड़े हिस्से में पुल की रेलिंग नहीं है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।

पुलों की मरम्मत का कार्य एनएचआई का है। फिर भी विभाग की ओर से समय-समय पर पुलों की सड़क आदि की मरम्मत कराई जाती है। सहारनपुर में बाईपास बनने के बाद पुल पूरी तरह लोक निर्माण विभाग के अधीन हो जाएंगे। इसके बाद एक-एक पुल को ठीक कराया जाएगा। नागदेवी नदी पुल की हालत ज्यादा खराब है। इस पुल को दोबारा बनाए जाने का प्लान सेतु निगम के माध्यम से तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। --अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग।

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल।

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल।- फोटो : SAHARANPUR

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल।

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल।- फोटो : SAHARANPUR

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल- फोटो : SAHARANPUR

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल

अंबाला रोड मेला गुघाल का क्षतिग्रस्त पुल- फोटो : SAHARANPUR

ढमोला नदी का ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त पुल

ढमोला नदी का ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त पुल- फोटो : SAHARANPUR

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