फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Three members of the family deteriorated due to buckwheat flour

कुट्टू के आटे से परिवार के तीन सदस्यों तबीयत बिगड़ी

Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Three members of the family deteriorated due to buckwheat flour
सहारनपुर। कुट्टू का आटा खाने से इंदिरा कॉलोनी निवासी परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। तड़के तीन बजे तीनों को गंभीर हालत में एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। कुट्टू के आटे की पूड़ी खाने के 15 घंटे बाद भी तीनों की तबीयत में सुधार नहीं था। यह केवल इंदिरा कॉलोनी के परिवार की हालत नहीं है। शहर में ही अन्य कई जगहों से भी लोगों के तबीयत बिगड़ने की सूचना है।
विज्ञापन

इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले सतीश का परिवार नवरात्रों के व्रत रख रहा है। उन्होंने पड़ोस की ही दुुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था। सोमवार रात करीब दस बजे सतीश की पत्नी गीता, पुत्र कुनाल और खुद सतीश ने कुट्टू के आटे की पूड़ी खाई थी। पूड़ी खाने के करीब एक घंटा बाद ही परिवार की तबीयत बिगड़ना शुरू हो गई। जब पेट दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ और उल्टियां शुरू हो गईं तब तीनों को एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद उन्हें भर्ती कर लिया। कुनाल और सतीश की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें फिर से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया। 20 वर्षीय कुनाल के सिर में तेज दर्द तथा हाथ और पैरों के ठंडा होने की शिकायत है, जबकि पिता सतीश के पेट और पीठ में तेज दर्द और उल्टियां नहीं रुक रहीं। डॉ. अनिल वोहरा के सुपरविजन में तीनों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। शाम तक भी उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं था।
विज्ञापन

------
मात्र आधी पूड़ी खाने से बिगड़ी तबीयत
कुट्टू के आटे में किस कदर मिलावट की गई है और कैसे पदार्थ की मिलावट की गई है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 20 वर्षीय कुनाल ने मात्र आधी पूड़ी खाई थी, जिससे कुनाल की तबीयत इतनी बगड़ गई कि सिर दर्द बर्दाश्त से बाहर हो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
अपनी पीड़ा भूल बेटे को संभालती दिखी गीता
इमरजेंसी वार्ड में गीता और बेटे कुनाल को एक ही बेड पर लिटाया गया था, जबकि सतीश को अलग बेड दिया गया था। पति और बेटे की हालत गीता से देखी नहीं जा रही थी। वह बार-बार दोनों को देखकर रोए जा रही थी। इतना ही नहीं, अपनी पीड़ा भूलकर वह बेटे पर ध्यान देती नजर आई, जिससे कि बेटा ठीक हो जाए।
------
यहां भी बिगड़ी लोगों की तबीयत
कुट्टू के आटे से केवल गागलहेड़ी के हरिया बांस या इंदिरा कॉलोनी ही में माता के भक्तों की तबीयत नहीं बिगड़ी है। जिले में अन्य जगहों से भी ऐसी सूचनाएं मिली हैं। मिशन कंपाउंड में एक ही परिवार के आठ लोगों, शिवाजी नगर में एक परिवार के तीन लोगों तथा गुरुद्वारा रोड पर अनेक लोगों की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन उनको भर्ती की नौबत नहीं आई।
-----------
धर्मगुरुओं की बात
मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो
स्वामी कालेंद्रानंद महाराज का कहना है कि कुट्टू के आटे को प्रसाद माना जाता है। कुट्टू के आटे में मिलावट मां के भक्तों के साथ अन्याय तो है ही साथ ही उनकी जिंदगी से खिलवाड़ भी है। मिलावटखोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
------
यह मां के भक्तों पर ज्यादती है
श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि कुट्टू का आटा जैसे प्रसाद में मिलावट करना गंभीर मामला है। संबंधित विभाग को मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें सख्त सजा भी दिलानी चाहिए।

----------
मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाते रहे हैं। जिला अधिकारी के निर्देश पर सोमवार से अभियान शुरू किया गया है। कई जगहों से कुट्टू के आटे और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
रणधीर सिंह, जिला अभिहित अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed