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तीसरी लहर का खतरा सिर पर, ऑक्सीजन प्लांट तैयार नहीं
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लि महिलाअस्पताल में बनाया जा रहा ऑक्सीजन प्लांट
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर अगस्त माह में आने की आशंका जताई जा रही है, मगर चिकित्सा विभाग की तैयारी लटकी हुई है। 31 जुलाई तक सभी ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट चालू करने का लक्ष्य रखा गया था। मगर अभी तक सात ही प्लांट चालू हो सके हैं। कंपनी से मशीनें मिलने में देरी होना भी एक वजह बताया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में जनपद के अस्पतालों में रही ऑक्सीजन की किल्लत किसी से छिपी नहीं है। मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग तक को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। तीसरी लहर में ऐसा ना हो, इसके लिए सरकार ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित करने पर जोर दे रही है।
सहारनपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पातल सहित अनेक सीएचसी और पीएचसी पर कुल 14 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए जाने हैं। जनपद में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट 31 जुलाई तक पूर्ण कर लेने का लक्ष्य रखा गया था, मगर अभी तक मात्र सात ही प्लांट पूर्ण किए गए हैं। जिनमें से भी एक में अभी पाइपलाइन बिछने का कार्य अधूरा है। शेष सात जगहों पर प्लांट के लिए मशीनें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में अगले पांच दिन में यानी 31 जुलाई तक सभी 14 जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट चालू हो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन नजर आ रहा है।
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अभी तक यहां स्थापित हुए प्लांट
जनपद में 14 में से जिन सात जगहों पर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। उनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन, जिनमें एक पुराना और एक नया है। इनके अलावा सीएचसी फतेहपुर, सीएचसी गंगोह, सीएचसी नकुड़ और एसबीडी जिला अस्पताल शामिल है। एसबीडी जिला अस्पताल में अभी पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।
150 बेड का पीआईसीयू तैयार
बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए जनपद में 150 बेड के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) तैयार किए जा चुके हैं। इनमें शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में तीसरी मंजिल पर 100 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें 25 बेड पीआईसीयू और 25 वार्ड एचडीयू (हाई डिपेंडेंस यूनिट) है, जबकि 50 का बेड जनरल वार्ड बनाया गया है। जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। अस्पताल की नई बिल्डिंग में दूसरी और तीसरी मंजिल पर 25-25 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं।
जनपद में 14 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से सात प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जो चालू अवस्था में हैं। शेष जगहों पर कार्य चल रहा है। कंपनी की ओर से मशीन मिलने में देरी हो रही है। जैसे ही मशीनें प्राप्त होंगी तो प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे।
- डॉ. नवदीप गुप्ता, नोडल अधिकारी, ऑक्सीजन।
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कोरोना की दूसरी लहर में जनपद के अस्पतालों में रही ऑक्सीजन की किल्लत किसी से छिपी नहीं है। मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग तक को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। तीसरी लहर में ऐसा ना हो, इसके लिए सरकार ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित करने पर जोर दे रही है।
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सहारनपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पातल सहित अनेक सीएचसी और पीएचसी पर कुल 14 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए जाने हैं। जनपद में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट 31 जुलाई तक पूर्ण कर लेने का लक्ष्य रखा गया था, मगर अभी तक मात्र सात ही प्लांट पूर्ण किए गए हैं। जिनमें से भी एक में अभी पाइपलाइन बिछने का कार्य अधूरा है। शेष सात जगहों पर प्लांट के लिए मशीनें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में अगले पांच दिन में यानी 31 जुलाई तक सभी 14 जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट चालू हो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन नजर आ रहा है।
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अभी तक यहां स्थापित हुए प्लांट
जनपद में 14 में से जिन सात जगहों पर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। उनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन, जिनमें एक पुराना और एक नया है। इनके अलावा सीएचसी फतेहपुर, सीएचसी गंगोह, सीएचसी नकुड़ और एसबीडी जिला अस्पताल शामिल है। एसबीडी जिला अस्पताल में अभी पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।
150 बेड का पीआईसीयू तैयार
बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए जनपद में 150 बेड के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) तैयार किए जा चुके हैं। इनमें शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में तीसरी मंजिल पर 100 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें 25 बेड पीआईसीयू और 25 वार्ड एचडीयू (हाई डिपेंडेंस यूनिट) है, जबकि 50 का बेड जनरल वार्ड बनाया गया है। जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। अस्पताल की नई बिल्डिंग में दूसरी और तीसरी मंजिल पर 25-25 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं।
जनपद में 14 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से सात प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जो चालू अवस्था में हैं। शेष जगहों पर कार्य चल रहा है। कंपनी की ओर से मशीन मिलने में देरी हो रही है। जैसे ही मशीनें प्राप्त होंगी तो प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे।
- डॉ. नवदीप गुप्ता, नोडल अधिकारी, ऑक्सीजन।

जिला अस्पताल में बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट- फोटो : SAHARANPUR