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केंद्र सरकार की पैरवी के कारण नरसंहार के दोषी जा रहे जेल
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सर्किट हाउस मे पंजाबी अकादमी उपाध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह व अकादमी के सदस्य राजकुमार छाबड़ा का स्व
- फोटो : SAHARANPUR
केंद्र सरकार की पैरवी के कारण नरसंहार के दोषी जा रहे जेल
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह छाबड़ा ने कहा केंद्र सरकार की पैरवी के कारण ही वर्ष 84 नरसंहार के दोषी जेल जा रहे हैं।
सर्किट हाउस में बैठक के दौरान गुरविंद्र सिंह ने कहा कांग्रेस सरकारें वर्ष 1984 से लगातार कार्रवाई करने से बचती रही, जबकि केंद्र की मोदी सरकार की लगातार पैरवी के कारण नरसंहार के दोषी जेल जा रहे हैं। पहली बार उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लाया गया और शबद कीर्तन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगत के साथ लंगर ग्रहण किया। कुछ लोग केंद्र सरकार द्वारा लाए नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे, अब अफगानिस्तान में तालिबान शासन आया तो इसी कानून के तहत 250 सिख परिवारों को शरण दी। यह नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों से भी संभव हो पाया है।
उन्होंने कहा पंजाबी भाषा को राज्य की तीसरी राजभाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव अकादमी द्वारा पारित किया जा चुका है। पंजाबी अकादमी सदस्य सरदार सुदर्शन सिंह बेदी ने कहा कि सिख गुरुओं के बच्चों की शहादत पर प्रदेश में शहीदी दिवस मनाया जाता है। शीघ्र ही पंजाबी भाषा सीखने के लिए एक एप लांच किया जा रहा है, इसमें कोई भी व्यक्ति पंजाबी भाषा को सीख सकता है। इस दौरान महापौर संजीव वालिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, केएल अरोड़ा, दिनेश सेठी आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह छाबड़ा ने कहा केंद्र सरकार की पैरवी के कारण ही वर्ष 84 नरसंहार के दोषी जेल जा रहे हैं।
सर्किट हाउस में बैठक के दौरान गुरविंद्र सिंह ने कहा कांग्रेस सरकारें वर्ष 1984 से लगातार कार्रवाई करने से बचती रही, जबकि केंद्र की मोदी सरकार की लगातार पैरवी के कारण नरसंहार के दोषी जेल जा रहे हैं। पहली बार उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लाया गया और शबद कीर्तन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगत के साथ लंगर ग्रहण किया। कुछ लोग केंद्र सरकार द्वारा लाए नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे, अब अफगानिस्तान में तालिबान शासन आया तो इसी कानून के तहत 250 सिख परिवारों को शरण दी। यह नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों से भी संभव हो पाया है।
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उन्होंने कहा पंजाबी भाषा को राज्य की तीसरी राजभाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव अकादमी द्वारा पारित किया जा चुका है। पंजाबी अकादमी सदस्य सरदार सुदर्शन सिंह बेदी ने कहा कि सिख गुरुओं के बच्चों की शहादत पर प्रदेश में शहीदी दिवस मनाया जाता है। शीघ्र ही पंजाबी भाषा सीखने के लिए एक एप लांच किया जा रहा है, इसमें कोई भी व्यक्ति पंजाबी भाषा को सीख सकता है। इस दौरान महापौर संजीव वालिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, केएल अरोड़ा, दिनेश सेठी आदि मौजूद रहे।
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