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टीकाकरण अभियान में ड्यूटी करने वालों को नहीं मिल रहा मानदेय
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाले कोविड टीकाकरण में बीते दस माह से ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को कई माह से मानदेय नहीं मिला है। चूंकि टीकाकरण बढ़ाने को लेकर लगातार शासन स्तर से दबाव है। ऐसे में कर्मचारी काम तो कर रहे हैं, लेकिन मानदेय के नाम पर केवल आश्वासन मिलने से उनमें नाराजगी भी है।
जनपद में कोविड वैक्सीन टीकाकरण 16 जनवरी 2021 से शुरू हुआ था। टीकाकरण में प्रतिदिन 350 टीम सहारनपुर में काम कर रही हैं। इनमें करीब 350 कर्मचारी टीका लगाने वाले, करीब 350 आशा और 350 ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। इनके अलावा डॉक्टर, सुपरवाइजर, केंद्रों पर वैक्सीन पहुंचाने वाले और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो 16 जनवरी 2021 से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी में लगे कर्मचारियों ने बताया कि जनवरी माह में जब उनकी ड्यूटी लगाई गई थी तो उन्हें मानदेय देने की बात कही गई थी। इतना ही नहीं, स्थायी स्वास्थ्यकर्मियों को भी टीकाकरण के लिए अलग से पैसा दिए जाने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक कोई पैसा उन्हें नहीं मिला है। इनमें सबसे अधिक समस्या आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझती रही हैं। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि वह कई बार मानदेय की मांग कर चुके हैं। हर बार उनसे वाउचर भरवा लिया जाता है, लेकिन मानदेय नहीं मिलता।
सुबह आठ से रात दस बजे तक ड्यूटी
टीकाकरण दो शिफ्टों में चलाया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से अपराह्न तीन बजे तथा दूसरी शिफ्ट अपराह्न तीन बजे से रात दस बजे तक चलती है। खास बात यह है कि महिलाओं, जिनमें लड़कियां भी शामिल हैं रात दस बजे तक ड्यूटी कर रही हैं।
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चाय और पानी तक नहीं मिलता
टीकाकरण केंद्रों पर लगातार सात घंटे ड्यूटी करने के दौरान कर्मचारियों को विभाग की ओर से चाय और पानी तक नहीं मिलता है। वह पैसा इकट्ठा कर चाय और पानी का कैंपर मंगाते हैं। कुछ लोग अपने घर से चाय और पानी लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी जो गांव से आती हैं किराए में अपना पैसा खर्च कर आती हैं।
कोविड टीकाकरण में कार्य करने वाले कर्मचारियों को मानदेय देने की बात थी। कुछ पैसा आया था, जेे कर्मचारियों को दे दिया गया था। मगर कई माह से पैसा नहीं आया है। विभागीय स्तर से लगातार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। मगर अभी तक मानदेय का पैसा नहीं आया है।
डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
टीकाकरण का कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए कुछ पैसा आया था, जो दिया जा चुका है। फिलहाल शासन स्तर से ही पैसा नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से समस्या है। मगर जैसे ही पैसा आएगा, तुरंत कर्मचारियों को दिया जाएगा।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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जनपद में कोविड वैक्सीन टीकाकरण 16 जनवरी 2021 से शुरू हुआ था। टीकाकरण में प्रतिदिन 350 टीम सहारनपुर में काम कर रही हैं। इनमें करीब 350 कर्मचारी टीका लगाने वाले, करीब 350 आशा और 350 ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। इनके अलावा डॉक्टर, सुपरवाइजर, केंद्रों पर वैक्सीन पहुंचाने वाले और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो 16 जनवरी 2021 से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी में लगे कर्मचारियों ने बताया कि जनवरी माह में जब उनकी ड्यूटी लगाई गई थी तो उन्हें मानदेय देने की बात कही गई थी। इतना ही नहीं, स्थायी स्वास्थ्यकर्मियों को भी टीकाकरण के लिए अलग से पैसा दिए जाने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक कोई पैसा उन्हें नहीं मिला है। इनमें सबसे अधिक समस्या आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझती रही हैं। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि वह कई बार मानदेय की मांग कर चुके हैं। हर बार उनसे वाउचर भरवा लिया जाता है, लेकिन मानदेय नहीं मिलता।
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सुबह आठ से रात दस बजे तक ड्यूटी
टीकाकरण दो शिफ्टों में चलाया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से अपराह्न तीन बजे तथा दूसरी शिफ्ट अपराह्न तीन बजे से रात दस बजे तक चलती है। खास बात यह है कि महिलाओं, जिनमें लड़कियां भी शामिल हैं रात दस बजे तक ड्यूटी कर रही हैं।
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चाय और पानी तक नहीं मिलता
टीकाकरण केंद्रों पर लगातार सात घंटे ड्यूटी करने के दौरान कर्मचारियों को विभाग की ओर से चाय और पानी तक नहीं मिलता है। वह पैसा इकट्ठा कर चाय और पानी का कैंपर मंगाते हैं। कुछ लोग अपने घर से चाय और पानी लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी जो गांव से आती हैं किराए में अपना पैसा खर्च कर आती हैं।
कोविड टीकाकरण में कार्य करने वाले कर्मचारियों को मानदेय देने की बात थी। कुछ पैसा आया था, जेे कर्मचारियों को दे दिया गया था। मगर कई माह से पैसा नहीं आया है। विभागीय स्तर से लगातार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। मगर अभी तक मानदेय का पैसा नहीं आया है।
डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
टीकाकरण का कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए कुछ पैसा आया था, जो दिया जा चुका है। फिलहाल शासन स्तर से ही पैसा नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से समस्या है। मगर जैसे ही पैसा आएगा, तुरंत कर्मचारियों को दिया जाएगा।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।