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हमारे लिए यह काला दिन, हाईकोर्ट में दायर करेंगे रिट : इमरान मसूद

Sun, 06 Sep 2026 12:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:53 AM IST
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This is a black day for us, we will file a writ in the High Court: Imran Masood
सहारनपुर। कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मामले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया के तहत मस्जिद का मुआवजा भी लिया जाएगा। धार्मिक स्थल तोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे लिए यह काला दिन है। उन्होंने आमजन से धैर्य बनाए रखने की अपील की। सांसद इमरान मसूद शनिवार को एमएलसी शाहनवाज खान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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सांसद इमरान मसूद ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद 1911 से पहले की है और आज भी इसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। आरोप है कि प्रशासन को तमाम जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई की गई। सांसद के मुताबिक आदेश में 30 दिन का समय दिया गया था। करीब 22 दिन की अवधि अभी बाकी थी। इसके बावजूद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान वक्फ से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी ध्यान नहीं रखा गया।
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इमरान मसूद ने कहा कि खसरा केवल जमीन की मौजूदा स्थिति बताता है और उसके आधार पर मालिकाना हक पूरी तरह साबित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इसकी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने इसे काला दिन बताते हुए कहा कि अगर आज किसी एक समुदाय के धार्मिक स्थल के साथ ऐसा होता है तो भविष्य में यही कार्रवाई दूसरों के खिलाफ भी हो सकती है। सरकार ने 2027 के चुनाव पर फोकस करते हुए यह किया है। इस मौके पर एमएलसी शाहनवाज खान, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, हमजा मसूद, डॉ. राजीव अंजुम आदि रहे।
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2027 के चुनाव को लेकर किया जा रहा यह सब : एमएलसी शाहनवाज खान
एमएलसी शाहनवाज खान ने कहा कि जब पूरा शहर सो रहा था तब मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। इतने साल पुरानी मस्जिद पर किसी को आपत्ति नहीं थी। एक फैसला आता है, जिसमें उसे अवैध बताया गया। हम सबकी समझ से परे है कि ऐसी क्या जल्दी थी। रात में जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा, लेकिन ऐसी क्या जल्दी थी। यह सब 2027 के चुनाव को देखते हुए किया जा रहा है, जो लोग इसकी पैरवी कर रहे हैं कि वह इसे लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।
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जल्दबाजी में लिया गया है मस्जिद गिराने का फैसला : फजलुर्रहमान
पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान जिला प्रशासन का मस्जिद को गिराने का फैसला जल्दबाजी में उठाया गया कदम है। प्रशासन को मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट में अपनी बात रखने का समय देना चाहिए था। यही इंसाफ का तकाजा है। सभी धर्म के जिम्मेदारों के साथ बैठकर आगे की कानूनी प्रक्रिया को अपनाएंगे। मस्जिद कमेटी और जिम्मेदार लोग जो भी सामूहिक फैसला लेंगे, हम उस पर आगे बढ़ने का काम करेंगे।

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सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक का कहना है कि यह बेहद दुखद है। सहारनपुर हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए जाना जाता है। यहां पर कभी इस तरह की बात नहीं हुई। मस्जिद से किसी को कोई दिक्कत नहीं थी। मस्जिद आज की नहीं है। यह कलक्ट्रेट से पहले की है। शुक्रवार को अधिकारियों से बातचीत हुई, तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि मस्जिद को सील किया जा रहा है। यह ध्वस्तीकरण बेहद चिंताजनक है। इस मामले में कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी।
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