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कोरोना की तीसरी लहर 21579 बच्चों को कर सकती है प्रभावित
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सहारनपुर। आशंका जताई जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को प्रभावित करेगी। यदि ऐसा है तो जनपद के 21579 वह बच्चे जो कुपोषित और अतिकुपोषित हैं, उनको कोरोना की चपेट में आने का खतरा अधिक रहेगा। ऐसे में शासन ने कुपोषित बच्चों की बेहतर डाइट को जारी रखने तथा बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए अभिभावकों को वर्चुअल बैठकें कर जागरूक करने के आदेश दिए हैं।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2021 तक जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या 20053 और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1526 है। माना जाता है कि अन्य बीमारियों की तरह कोरोना भी कम इम्युनिटी वालों को सबसे पहले प्रभावित करती है। ऐसी स्थिति में सरकार भी कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने को कई कार्यक्रम और योजनाएं चला रही है। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की बेहतर डाइट के लिए घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है, जिसमें दाल, गेहूं, चावल, सोयाबीन का तेल आदि शामिल है। केवल कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों ही नहीं, किशोरियों, गर्भवतियां तथा बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं को भी यह डाइट दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल में इस योजना को और बल मिला है, जिसका मकसद कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के शरीर को कमजोर नहीं पड़ने देना है। इसके अलावा शासन ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए अभिभावकों के साथ एप के माध्यम से वर्चुअल बैठकें कर जागरूक करने को कहा गया है। इस तरह की बैठकें जनपद में शुरू भी की जा चुकी हैं।
बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए अभिभावकों को वर्चुअल बैठकों के माध्यम से जागरूक करने का आदेश मिला है, जिस पर अमल भी शुरू हो गया है। इसके अलावा कोरोना काल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को दिए जो वाले राशन वितरण को सुचारु रूप से चलाने के आदेश हैं, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर ना पड़ें।
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- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
अभिभावकों के लिए चिकित्सक की सलाह
- प्रोटीन वाली चीजें जैसे अंडा, पनीर, मूंगफली, बादाम, ड्राई फ्रूट खिलाएं।
- तरल पदार्थ जैसे घर पर बने जूस (बिना बर्फ), नारियल पानी पिलाएं, बोतलों में बंद जूस, कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें।
- ताजी और हरी सब्जियां खिलाएं, ताजे फल खिलाएं।
- पैकिंग में आने वाले पदार्थ जैसे चिप्स, कुरकुरे, नमकीन आदि से परहेज करें।
- चाइनीज फूड जैसे चाऊमीन, मोमोज, बर्गर, पिज्जा, स्प्रिंग रोल आदि से परहेज करें।
- ज्यादातर घर पर बनी चीजें जैसे दालें, चावल, रोटी, हरी सब्जियां, सलाद आदि खिलाएं।
बच्चों को डराएं नहीं, जागरूक करें: डॉ. चौधरी
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को अधिक प्रभावित करेगी। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन अभिभावकों को सचेत रहना है। बच्चों के खानपान में सुधार लाना होगा। बाहर के भोजन और पैकिंग वाली चीजों से परहेज करना होगा। बच्चों को प्रोटीन वाली चीजें देनी होंगी। फल और हरी सब्जियों की आदत डालनी होगी। बच्चों को डराएं नहीं, बल्कि जागरूक करें।
- डॉ. एके चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ, एसबीडी जिला अस्पताल
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सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2021 तक जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या 20053 और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1526 है। माना जाता है कि अन्य बीमारियों की तरह कोरोना भी कम इम्युनिटी वालों को सबसे पहले प्रभावित करती है। ऐसी स्थिति में सरकार भी कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने को कई कार्यक्रम और योजनाएं चला रही है। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की बेहतर डाइट के लिए घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है, जिसमें दाल, गेहूं, चावल, सोयाबीन का तेल आदि शामिल है। केवल कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों ही नहीं, किशोरियों, गर्भवतियां तथा बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं को भी यह डाइट दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल में इस योजना को और बल मिला है, जिसका मकसद कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के शरीर को कमजोर नहीं पड़ने देना है। इसके अलावा शासन ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए अभिभावकों के साथ एप के माध्यम से वर्चुअल बैठकें कर जागरूक करने को कहा गया है। इस तरह की बैठकें जनपद में शुरू भी की जा चुकी हैं।
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बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए अभिभावकों को वर्चुअल बैठकों के माध्यम से जागरूक करने का आदेश मिला है, जिस पर अमल भी शुरू हो गया है। इसके अलावा कोरोना काल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को दिए जो वाले राशन वितरण को सुचारु रूप से चलाने के आदेश हैं, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर ना पड़ें।
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- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
अभिभावकों के लिए चिकित्सक की सलाह
- प्रोटीन वाली चीजें जैसे अंडा, पनीर, मूंगफली, बादाम, ड्राई फ्रूट खिलाएं।
- तरल पदार्थ जैसे घर पर बने जूस (बिना बर्फ), नारियल पानी पिलाएं, बोतलों में बंद जूस, कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें।
- ताजी और हरी सब्जियां खिलाएं, ताजे फल खिलाएं।
- पैकिंग में आने वाले पदार्थ जैसे चिप्स, कुरकुरे, नमकीन आदि से परहेज करें।
- चाइनीज फूड जैसे चाऊमीन, मोमोज, बर्गर, पिज्जा, स्प्रिंग रोल आदि से परहेज करें।
- ज्यादातर घर पर बनी चीजें जैसे दालें, चावल, रोटी, हरी सब्जियां, सलाद आदि खिलाएं।
बच्चों को डराएं नहीं, जागरूक करें: डॉ. चौधरी
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को अधिक प्रभावित करेगी। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन अभिभावकों को सचेत रहना है। बच्चों के खानपान में सुधार लाना होगा। बाहर के भोजन और पैकिंग वाली चीजों से परहेज करना होगा। बच्चों को प्रोटीन वाली चीजें देनी होंगी। फल और हरी सब्जियों की आदत डालनी होगी। बच्चों को डराएं नहीं, बल्कि जागरूक करें।
- डॉ. एके चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ, एसबीडी जिला अस्पताल