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अब नहीं चलेगी लेटलतीफी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 06 Jan 2016 12:15 AM IST
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कक्षा में छात्र-छात्राओं की हाजिरी चेक करने वाले शिक्षकों को अब पहले खुद ही अपनी हाजिरी का हिसाब देना होगा। स्कूल पहुंचने में अब एक मिनट की देरी का भी पता चल जाएगा।
स्कूलों में शिक्षकों की लेटलतीफी और हाजिरी में सुधार के लिए अब बायोमैट्रिक अटेंडिंग सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षकों को स्कूल में पहुंचते ही थंब इंप्रेशन के साथ अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी।
शहर के जेवी जैन इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज सहित कुछ अन्य माध्यमिक विद्यालयों में इसकी शुरूआत की गई है। नए सिस्टम से शिक्षक ही नहीं प्रधानाचार्यों तक को अपनी उपस्थिति में सुधार करना पड़ रहा है। बता दें कि माध्यमिक स्कूलों में जहां छात्र-छात्राएं शिक्षकों को चकमा देकर कक्षाएं बंक करते रहे हैं।
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वहीं, खुद शिक्षक भी स्कूल पहुंचने में कई तरह की बहानेबाजी करते रहे हैं। इतना ही नहीं, काफी टीचर तो इतनी देर से आते रहे हैं कि उनके पीरियड और लैब की प्रैक्टिकल क्लास छूटती रही है।
जेवी जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल जैन कहते हैं कि बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगाने की व्यवस्था के बाद काफी सुधार आ रहा है। खुद उन पर भी समय पर स्कूल पहुंचने का दबाव बना रहता है। अब लेटलतीफी का सारा रिकार्ड मौजूद है। कुछ अन्य स्कूल भी इस व्यवस्था के लिए प्रयासरत हैं।
बेसिक स्कूूलों के शिक्षक कब सुधरेंगे
माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए किए जा रहे इन प्रयासों के बीच बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं कि यहां के अध्यापक कब सुधरेंगे। इन स्कूलों में लेट पहुंचना, छुट्टी करके बैक डेट में अटेंडेंस की सेटिंग से लेकर कई बहानों के नाम पर अवकाश लेने की प्रवृत्ति अब तक दूर नहीं हुई है।
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स्कूलों में शिक्षकों की लेटलतीफी और हाजिरी में सुधार के लिए अब बायोमैट्रिक अटेंडिंग सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षकों को स्कूल में पहुंचते ही थंब इंप्रेशन के साथ अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी।
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शहर के जेवी जैन इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज सहित कुछ अन्य माध्यमिक विद्यालयों में इसकी शुरूआत की गई है। नए सिस्टम से शिक्षक ही नहीं प्रधानाचार्यों तक को अपनी उपस्थिति में सुधार करना पड़ रहा है। बता दें कि माध्यमिक स्कूलों में जहां छात्र-छात्राएं शिक्षकों को चकमा देकर कक्षाएं बंक करते रहे हैं।
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वहीं, खुद शिक्षक भी स्कूल पहुंचने में कई तरह की बहानेबाजी करते रहे हैं। इतना ही नहीं, काफी टीचर तो इतनी देर से आते रहे हैं कि उनके पीरियड और लैब की प्रैक्टिकल क्लास छूटती रही है।
जेवी जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल जैन कहते हैं कि बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगाने की व्यवस्था के बाद काफी सुधार आ रहा है। खुद उन पर भी समय पर स्कूल पहुंचने का दबाव बना रहता है। अब लेटलतीफी का सारा रिकार्ड मौजूद है। कुछ अन्य स्कूल भी इस व्यवस्था के लिए प्रयासरत हैं।
बेसिक स्कूूलों के शिक्षक कब सुधरेंगे
माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए किए जा रहे इन प्रयासों के बीच बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं कि यहां के अध्यापक कब सुधरेंगे। इन स्कूलों में लेट पहुंचना, छुट्टी करके बैक डेट में अटेंडेंस की सेटिंग से लेकर कई बहानों के नाम पर अवकाश लेने की प्रवृत्ति अब तक दूर नहीं हुई है।