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उम्मीद: भविष्य में जनपद में नहीं होगी ऑक्सीजन की किल्लत
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सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर आती है और मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो जिस तरह की तैयारी सहारनपुर ने की है, उससे उम्मीद है कि मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं लगेगी। दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर से उठाए गए कदमों का ही नतीजा है कि सहारनपुर के सरकारी अस्पतालों में अब भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन है।
कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयावह होगी इसका अनुमान किसी को नहीं था। यही वजह रही कि कोरोना की दूसरी लहर में मात्र दो से ढाई माह में जनपद में 310 मरीजों की जान चली गई। मरने वालों में बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की रही, जिनको समय से ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। ऐसे में प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार का बीड़ा उठाया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब चार साल से बंद पड़ा ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के प्रयास से चालू हो पाया। जिलाधिकारी के प्रयास से ही मेरठ से सेना की टैक्नीकल टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची, जिसने दो दिन की मशक्कत के बाद प्लांट को चालू किया। उक्त प्लांट प्रति मिनट में 600 लीटर ऑक्सीजन जनरेट करता है। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। एसबीडी जिला अस्पताल में अभी तक सिलिंडर से ऑक्सीजन मुहैया कराने की व्यवस्था है। 160 सिलिंडर 24 घंटे रहते हैं। मगर अब यहां भी ऑक्सीजन का एक नहीं, बल्कि दो प्लांट लगने जा रहे हैं। एक ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट केंद्र सरकार की योजना के तहत लगाया जाना है, जबकि दूसरे के लिए नगर निगम सहारनपुर से एक करोड़ 90 लाख रुपये की धनराशि अस्पताल को दी है। दोनों प्लांट की क्षमता प्रति मिनट में 600 लीटर ऑक्सीजन जनरेट करने की होगी। उधर, सीएचसी देवबंद में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।
कंसंट्रेटर भी बनेंगे मददगार
जनपद में कई सामाजिक संगठन भी ऑक्सीजन की कमी को दूर करने का प्रयास अपने स्तर से कर रहे हैं। फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट ने 20 कंसंट्रेक्टर खरीदे हैं, जो जरूरतमंदों को मुफ्त में मुहैया कराए जाएंगे। रोटरी क्लब मिड टाउन ने छह तथा लघु उद्योग भारती के पास भी दस कंसंट्रेटर हैं। यह भी जनसेवा के लिए खरीदे गए हैं। उधर, अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के बिजेंद्र अग्रवाल ने जिला प्रशासन को दस कंसंट्रेटर भेंट किए हैं।
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कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयावह होगी इसका अनुमान किसी को नहीं था। यही वजह रही कि कोरोना की दूसरी लहर में मात्र दो से ढाई माह में जनपद में 310 मरीजों की जान चली गई। मरने वालों में बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की रही, जिनको समय से ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। ऐसे में प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार का बीड़ा उठाया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब चार साल से बंद पड़ा ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के प्रयास से चालू हो पाया। जिलाधिकारी के प्रयास से ही मेरठ से सेना की टैक्नीकल टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची, जिसने दो दिन की मशक्कत के बाद प्लांट को चालू किया। उक्त प्लांट प्रति मिनट में 600 लीटर ऑक्सीजन जनरेट करता है। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। एसबीडी जिला अस्पताल में अभी तक सिलिंडर से ऑक्सीजन मुहैया कराने की व्यवस्था है। 160 सिलिंडर 24 घंटे रहते हैं। मगर अब यहां भी ऑक्सीजन का एक नहीं, बल्कि दो प्लांट लगने जा रहे हैं। एक ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट केंद्र सरकार की योजना के तहत लगाया जाना है, जबकि दूसरे के लिए नगर निगम सहारनपुर से एक करोड़ 90 लाख रुपये की धनराशि अस्पताल को दी है। दोनों प्लांट की क्षमता प्रति मिनट में 600 लीटर ऑक्सीजन जनरेट करने की होगी। उधर, सीएचसी देवबंद में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।
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कंसंट्रेटर भी बनेंगे मददगार
जनपद में कई सामाजिक संगठन भी ऑक्सीजन की कमी को दूर करने का प्रयास अपने स्तर से कर रहे हैं। फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट ने 20 कंसंट्रेक्टर खरीदे हैं, जो जरूरतमंदों को मुफ्त में मुहैया कराए जाएंगे। रोटरी क्लब मिड टाउन ने छह तथा लघु उद्योग भारती के पास भी दस कंसंट्रेटर हैं। यह भी जनसेवा के लिए खरीदे गए हैं। उधर, अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के बिजेंद्र अग्रवाल ने जिला प्रशासन को दस कंसंट्रेटर भेंट किए हैं।
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