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धमाकों की आवाज से फैक्ट्री में मची अफरा तफरी, चीख पुकार

Sun, 16 Jan 2022 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:21 AM IST
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There was chaos in the factory due to the sound of explosions
पटाखा फैक्ट्री में धमाके से गिरी दीवार और दरवाजा - फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर (सहारनपुर)। सतपुरा की पटाखा फैक्टरी में शनिवार की दुपहर बाद रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था कि अचानक करीब साढ़े 12 बजे एक कमरे से जोरदार धमाकों की आवाज आई और आग की लपटें उठने लगीं। जिस कमरे में धमका हुआ वहां काम कर रहे आठ मजदूर आग की चपेट में आ कर झुलस गए और उनमें चीख पुकार मच गई।
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धमाके की आवाज सुनकर फैक्टरी के दूसरे हिस्सों में काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। जो जिस हालत में था बाहर की तरफ दौड़ पड़ा। आनन फानन में वाटर सेफ्टी सिस्टम चालू किए गए। गनीमत रही कि इससे दस मिनट के अंदर ही आग पर काबू पा लिया गया। अन्यथा आग पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लेती। इसके बाद पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा। आग लगने की सूचना से आस पास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में फैक्टरी की तरफ दौड़ पड़े। उनमें अपने परिचितों की कुशल क्षेम जानने की चिंता लगी रही। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि फैक्ट्री में फिलहाल 45 पुरुष तथा 40 महिला मजदूर काम करते हैं।
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चेकिंग में लापरवाही की वजह से लगी आग
पटाखा फैक्टरी में जिस जगह पर बारूद रखा होता है या उससे पटाखे बनाते हैं वहां मोबाइल फोन ले जाना और उसका इस्तेमाल प्रतिबंधित है। थानाध्यक्ष ने बताया कि चेकिंग पर तैनात गार्ड की लापरवाही की वजह से मजदूर अपना मोबाइल फोन अंदर ले गया जो मशीन की हीट के संपर्क में आकर फट गया और उससे आग लग गई। यदि मोबाइल अंदर नहीं जाता तो आग नहीं लगती।
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आंखों के सामने तैर गया सवा साल पुराना मंजर, तीन की हुई थी मौत
छुटमलपुर। सतपुरा की पटाखा फैक्टरी में आग लगने की घटना के बाद लोगों की आंखों के सामने सवा साल पुराना मंजर तैर गया। तीस अक्तूबर 2020 को हुई उस घटना में आग से दस से ज्यादा लोग झुलस गए थे और जिनमें से दो महिलाओं सहित तीन की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मरने वाले सभी लोग स्थानीय थे। ऐसे में उस वक्त मौके पर जुटे घायलों के परिजनों और ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए फैक्टरी की देख रेख कर रहे कर्मचारी की गाड़ी में भी तोड़फोड कर डाली थी। उसने जंगल में भाग कर अपनी जान बचाई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के परिजनों की तरफ से मालिक और कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। थानाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि उक्त मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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