गुर्जर समाज के युवाओं ने किया कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:50 PM IST
डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते समस्त गुर्जर समाज के पदाधिकारी
डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते समस्त गुर्जर समाज के पदाधिकारी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। सम्राट मिहिर भोज के नाम से गुर्जर शब्द हटाकर दादरी (गौतमबुद्धनगर) में उनकी प्रतिमा का अनावरण कराने पर गुर्जर समाज में रोष व्याप्त है। आक्रोशित गुर्जर समाज के युवाओं ने दिल्ली रोड स्थित गुर्जर भवन से कलक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च किया। आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। इसलिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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शनिवार को गुर्जर समाज के युवा बड़ी संख्या में दिल्ली रोड स्थित गुर्जर भवन में एकत्र हुए। वहां से कलक्ट्रेट तक नारेबाजी के साथ पैदल मार्च किया। कलक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए एवं नारेबाजी की। साथ ही डिप्टी कलक्टर एसएन शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि दादरी (गौतमबुद्धनगर) में सम्राट मिहिर भोज के नाम से गुर्जर शब्द हटाकर मूर्ति का अनावरण किए जाने से देश के गुर्जर समाज में रोष है। उन्होंने कहा कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज को लेकर कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के खिलाफ वीडियो वायरल कर टिप्पणी की। आरोप लगाया कि राजपूत समाज के कुछ लोग इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो शरारती तत्व गुर्जर और राजपूत समाज के बीच माहौल खराब कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर गुर्जर समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा।

इस दौरान राहुल गुर्जर, नीरज चौधरी, परीक्षित वर्मा, विपिन घसौती, नीरज खतौली, वीरेंद्र गुर्जर, अंकुश गुर्जर, सुदेश चौधरी, रामू चौधरी, सहदेव चौधरी, प्रवीण चौधरी, अभय ढकदेई, उज्जवल माजरा, शक्ति चौधरी, अमित चौधरी, शिवम पंवार आदि मौजूद रहे।
उधर, पैरामाउंट ट्यूलिप स्थित कार्यालय पर युवा गुर्जर महासभा की बैठक में गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की दादरी में प्रतिमा पर गुर्जर शब्द पर पेंट करने की घटना की निंदा की गई। राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव लोकेश गुर्जर, प्रदेश प्रवक्ता दीपक चौधरी एवं जिला अध्यक्ष तेजपाल सिंह सोराना ने कहा कि अगर किसी को गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के गुर्जर होने पर आपत्ति हो तो वह कोर्ट जा सकता है। गुर्जरों का इतिहास विदेशी आक्रांता से लड़ने का रहा है। इसी के चलते गुर्जर समाज पर अंग्रेेजों ने क्रिमिनल ट्राइब्ज एक्ट लगाया था। अमर सिंह गुर्जर, मोहित परमार, शिव विकास सिंह चौहान आदि ने भी विचार रखे। सुमित चौहान, प्रमोद सिरोही, प्रदीप रेड़ी, मुकेश थरोली, सुशील बेरखेड़ी, अनुज खटाना, वीरेंद्र बटार, अरविंद असदपुर, सतीश राठी आदि रहे।

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