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भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
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रेलवे स्टेशन परिसर में धरना प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन तोमर के किसान
- फोटो : SAHARANPUR
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भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
सहारनपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ भाकियू तोमर गुट के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन परिसर में धरना दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों को किसान और आम लोगों के लिए गलत बताया। साथ ही सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। धरना चलने तक थाना कुतुबशेर, थाना सदर बाजार पुलिस के अलावा आरपीएफ और जीआरपी की टीमें भी अलर्ट पर रहीं। बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को सौंपा।
मंडल संयोजक प्रदीप नंबरदार और मंडल उपाध्यक्ष अरविंद त्यागी ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन को काफी समय हो गया है। सरकार ने अपने स्तर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून जल्द वापस लिए जाएं। एमएसपी के लिए लिखित गारंटी देने का कानून बनाया जाए। आंदोलन के दौरान जिन किसानों ने जान दी है, उन्हें शहीद का दर्जा मिले। ऐसे परिवारों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाए।
जिला उपाध्यक्ष विकास चौधरी और महानगर उपाध्यक्ष शाहनवाज चांद ने कहा कि गन्ने का मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। बिजली बिलों की दरों को अन्य राज्यों की तरह कम किया जाए। किसानों को नलकूपों के लिए नि:शुल्क बिजली दी जाए। किसानों को 60 साल बाद कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाए। धरना देने वालों में श्याम कुमार, अमित कुमार त्यागी, आशु चौधरी, अनिल कुमार, दीपक त्यागी सहित अन्य शामिल रहे।
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सहारनपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ भाकियू तोमर गुट के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन परिसर में धरना दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों को किसान और आम लोगों के लिए गलत बताया। साथ ही सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। धरना चलने तक थाना कुतुबशेर, थाना सदर बाजार पुलिस के अलावा आरपीएफ और जीआरपी की टीमें भी अलर्ट पर रहीं। बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को सौंपा।
मंडल संयोजक प्रदीप नंबरदार और मंडल उपाध्यक्ष अरविंद त्यागी ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन को काफी समय हो गया है। सरकार ने अपने स्तर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून जल्द वापस लिए जाएं। एमएसपी के लिए लिखित गारंटी देने का कानून बनाया जाए। आंदोलन के दौरान जिन किसानों ने जान दी है, उन्हें शहीद का दर्जा मिले। ऐसे परिवारों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाए।
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जिला उपाध्यक्ष विकास चौधरी और महानगर उपाध्यक्ष शाहनवाज चांद ने कहा कि गन्ने का मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। बिजली बिलों की दरों को अन्य राज्यों की तरह कम किया जाए। किसानों को नलकूपों के लिए नि:शुल्क बिजली दी जाए। किसानों को 60 साल बाद कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाए। धरना देने वालों में श्याम कुमार, अमित कुमार त्यागी, आशु चौधरी, अनिल कुमार, दीपक त्यागी सहित अन्य शामिल रहे।
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