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समूह से जुडी महिलाओं ने अपर मुख्य सचिव से साझा किए अनुभव
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गन्ना भवन में महिला सहायता समूह की वर्चुअल बैठक महिलाओ से संवाद करते अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसर?
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। अपर मुख्य सचिव (गन्ना) संजय आर भूसरेड्डी ने सोमवार को जनपद के महिला सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने महिलाओं से बड़ चिप विधि से पौध तैयार करने और उनके वितरण के बारे में जानकारी ली।
गन्ना भवन सभागार में आयोजित वर्चुअल बैठक में 27 महिला सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भागीदारी की। अपर मुख्य सचिव ने गन्ना विकास परिषद नानौता से संबंधित महिला सहायता समूह श्रीकृष्णा महिला सहायता समूह की सचिव किरण देवी से वार्ता की। उन्होंने महिला सहायता समूह के द्वारा गन्ने की बड़ चिप विधि से तैयार की गई पौध और उससे प्राप्त आय के बारे में जानकारी ली। सचिव किरण देवी ने बताया कि उन्होंने दो लाख गन्ने की पौध बड़ चिप विधि से तैयार करने का लक्ष्य रखा है। जनपद में 172 महिला सहायता समूह हैं। अब गन्ने की नवीनतम प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में शरदकालीन बुवाई के लिए समूह ने 27.50 लाख गन्ने की पौध का वितरण किया था। इसके लिए समूह को 39.50 लाख रुपये का अनुदान गन्ना विभाग के द्वारा दिया गया और 43.34 लाख रुपये गन्ना किसानों से प्राप्त हुए। वसंतकाल में महिला सहायता समूह 26.50 लाख गन्ने की पौध तैयार रहे हैं। जिसके वितरण पर विभाग से 36.88 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा, जबकि पौध प्राप्त करने वाले किसानों से 43 लाख रुपये मिलेंगे।
अपर मुख्य सचिव गन्ना ने कहा कि प्रदेश स्तर पर 21 लाख से अधिक गन्ने की पौध तैयार करने वाले महिला सहायता समूह को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी और 27 महिला सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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गन्ना भवन सभागार में आयोजित वर्चुअल बैठक में 27 महिला सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भागीदारी की। अपर मुख्य सचिव ने गन्ना विकास परिषद नानौता से संबंधित महिला सहायता समूह श्रीकृष्णा महिला सहायता समूह की सचिव किरण देवी से वार्ता की। उन्होंने महिला सहायता समूह के द्वारा गन्ने की बड़ चिप विधि से तैयार की गई पौध और उससे प्राप्त आय के बारे में जानकारी ली। सचिव किरण देवी ने बताया कि उन्होंने दो लाख गन्ने की पौध बड़ चिप विधि से तैयार करने का लक्ष्य रखा है। जनपद में 172 महिला सहायता समूह हैं। अब गन्ने की नवीनतम प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में शरदकालीन बुवाई के लिए समूह ने 27.50 लाख गन्ने की पौध का वितरण किया था। इसके लिए समूह को 39.50 लाख रुपये का अनुदान गन्ना विभाग के द्वारा दिया गया और 43.34 लाख रुपये गन्ना किसानों से प्राप्त हुए। वसंतकाल में महिला सहायता समूह 26.50 लाख गन्ने की पौध तैयार रहे हैं। जिसके वितरण पर विभाग से 36.88 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा, जबकि पौध प्राप्त करने वाले किसानों से 43 लाख रुपये मिलेंगे।
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अपर मुख्य सचिव गन्ना ने कहा कि प्रदेश स्तर पर 21 लाख से अधिक गन्ने की पौध तैयार करने वाले महिला सहायता समूह को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी और 27 महिला सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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