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मुसीबत में घिरे लोगों पर ठगों की नजर

Fri, 07 May 2021 11:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 11:28 PM IST
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The thugs keep an eye on the people in trouble
सहारनपुर। कोरोना काल में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में ठग ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी कर रहे हैं। महानगर में तीन लोगों से ठगी की कोशिश की गई। वहीं, पुलिस की आईटी सेल भी सक्रिय हो गई है। ऐसे गिरोह को चिंहित करने का काम चल रहा है।
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कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पतालों में बेड फुल हैं और बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन में हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने में लोग जुटे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई लिंक वायरल हो रहे हैं, जिन पर तुरंत ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जा रहा है। बाकायदा फोन नंबर भी डाले जा रहे हैं। इन नंबरों पर लोग सिलिंडर के लिए बात करते हैं, तो फोन रिसीव करने वाला व्यक्ति गूगल व पेटीएम के जरिए दस से 15 हजार रुपए ट्रांसफार करने के लिए कहता है और एक घंटे में ऑक्सीजन सिलिंडर घर पहुंचाने का आश्वासन देता है। बृहस्पतिवार को इसी तरह दो लोगों से ठगी की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने शक होने पर पैसा ट्रांसफर नहीं किया।
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उधर, पुलिस भी ऐसे गिरोह को चिंहित करने में जुट गई है। एसएसपी डाक्टर एस चनप्पा ने आईटी सेल को सक्रिय कर दिया है। इन नंबरों को सर्विलांस पर भी लगा दिया गया है। ताकि मुसीबत के इस दौर में लोगों को निशाना बनाने वाले अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
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केस-1-
हकीकतनगर निवासी नीशू के रिश्तेदार को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर एक लिंक मिला, जिसमें ऑक्सीजन सिलिंडर की सेवा दिए जाने बात लिखी हुई। एक मोबाइल फोन नंबर भी था। कॉल की तो व्यक्ति ने कहा कि एक घंटे के अंदर सिलिंडर उनके घर पहुंच जाएगा। इसके लिए दस हजार रुपये ऑनलाइन जमा करा दें। शक होने पर नीशू पैसा जमा नहीं कराया।
केेस-2-
चंद्रनगर निवासी हन्नी को भी ऑक्सीजन सिलिंडर चाहिए था। हन्नी को भी एक वाट्सएप ग्रुप पर विज्ञापन मिला, जिसमें लिखा था कि ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए संपर्क करें। कॉल करने पर हन्नी से भी दस हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराने के लिए कहा गया। गनीमत रही कि उसने पैसे जमा नहीं कराए। कोतवाली सदर बाजार में मामले की शिकायत की गई।
केस-3-
नगर कोतवाली क्षेत्र के नुमाइशकैंप निवासी नीरज खन्ना से भी ऑक्सीजन सिलिंडर की एवज में पांच हजार रुपये गूगल पे के जरिए खाते में ट्रांसफर करा लिए गए, लेकिन उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिला है। उन्होंने जिस नंबर पर कॉल की थी, उस नंबर के बारे में पुलिस को अवगत करा दिया।

लोग सावधान रहें। ऑक्सीजन सिलिंडरों की व्यवस्था सरकार की ओर पर्याप्त रूप से कर दी गई है। ऐसे अपराधियों को पुलिस चिंहित करने में लगी है, जो लोगों से ठगी कर रहे हैं। - डाक्टर एस चनप्पा, एसएसपी।
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