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खनन पट्टे की जांच के लिए धौलरा पहुंची टीम
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बेहट। मंडलायुक्त संजय कुमार द्वारा गठित जांच टीम शनिवार को धौलरा में निजी भूमि पर करने वाले खनन पट्टे की जांच को पहुंची। टीम ने यमुना नदी की मुख्य जलधारा से पट्टे की दूरी का पता लगाने के लिए पैमाइश कराई। टीम में शामिल अपर आयुक्त ने बताया कि जांच की गई है। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को प्रेषित की जाएगी।
बेहट क्षेत्र के यमुना तटवर्ती गांव धौलरा निवासी अंकित कुमार आदि ने 16 अक्तूबर को मंडलायुक्त से शिकायत कर बताया था कि उनके गांव में जिस भूमि पर निजी खनन पट्टा किया जा रहा है, वहां खनन कार्य होने के बाद यमुना नदी की बाढ़ से तट बंध और उनके गांव की आबादी को खतरा पैदा होगा। खनन कार्य होने के बाद यमुना की जलधारा परिवर्तित होकर इस तरफ हो जाएगी और इससे गांव में तबाही मच सकती है।
इसके बाद मंडलायुक्त ने जांच के लिए टीम गठित की, इसमें अपर आयुक्त प्रशासन, उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड एवं उत्तर प्रदेश सेतु निगम के सहायक अभियंता शामिल किए थे।
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शनिवार को जांच टीम धौलरा पहुंची। टीम ने मौके पर पट्टे की भूमि का निरीक्षण किया और मौजूद लेखपालों से यमुना नदी की मुख्य जलधारा से पट्टे की भूमि की दूरी पता करने के लिए पैमाइश कराई। इस दौरान ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि दो साल पहले जलधारा इधर थी, लेकिन दूसरे किनारे पर खनन होने के बाद परिवर्तित होकर उस तरफ हो गई। अब उनके गांव से सटे तटबंध के पास खनन किया, तो यमुना की जलधारा परिवर्तित होकर फिर से उनके गांव की तरफ हो जाएगी। इससे उनके गांव की आबादी को खतरा पैदा होगा। जांच के बाद टीम लौट गई।
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बेहट क्षेत्र के यमुना तटवर्ती गांव धौलरा निवासी अंकित कुमार आदि ने 16 अक्तूबर को मंडलायुक्त से शिकायत कर बताया था कि उनके गांव में जिस भूमि पर निजी खनन पट्टा किया जा रहा है, वहां खनन कार्य होने के बाद यमुना नदी की बाढ़ से तट बंध और उनके गांव की आबादी को खतरा पैदा होगा। खनन कार्य होने के बाद यमुना की जलधारा परिवर्तित होकर इस तरफ हो जाएगी और इससे गांव में तबाही मच सकती है।
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इसके बाद मंडलायुक्त ने जांच के लिए टीम गठित की, इसमें अपर आयुक्त प्रशासन, उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड एवं उत्तर प्रदेश सेतु निगम के सहायक अभियंता शामिल किए थे।
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शनिवार को जांच टीम धौलरा पहुंची। टीम ने मौके पर पट्टे की भूमि का निरीक्षण किया और मौजूद लेखपालों से यमुना नदी की मुख्य जलधारा से पट्टे की भूमि की दूरी पता करने के लिए पैमाइश कराई। इस दौरान ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि दो साल पहले जलधारा इधर थी, लेकिन दूसरे किनारे पर खनन होने के बाद परिवर्तित होकर उस तरफ हो गई। अब उनके गांव से सटे तटबंध के पास खनन किया, तो यमुना की जलधारा परिवर्तित होकर फिर से उनके गांव की तरफ हो जाएगी। इससे उनके गांव की आबादी को खतरा पैदा होगा। जांच के बाद टीम लौट गई।