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Saharanpur News: सिस्टम सोया, कुत्ते जागे, हर गली में खतरा
Wed, 29 Apr 2026 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:45 AM IST
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सहारनपुर। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। चाऊपुर गांव में आठ साल के बालक की कुत्तों के हमले से मौत के बाद व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आए दिन कुत्ते हमला कर लोगों को जख्मी कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम नींद नहीं खुल रही है। नगर निगम की स्थिति कुछ हद तक ठीक कही जा सकती है, लेकिन नगर पालिका और नगर पंचायत के पास कोई योजना नहीं है और एक ही रोना है कि बजट नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या हर गली में मौत बनकर मंडरा रहे कुत्तों के झुंड यूं ही हमले करते रहेंगे।
सहारनपुर :
नगर निगम क्षेत्र में करीब 40 हजार आवारा कुत्ते हैं। कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए बीते पांच साल से एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर संचालित है, जिसके माध्यम से करीब 25 हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके अलावा नगर निगम शहर को रेबीज फ्री बनाने के लिए भी काम कर रहा है। इसके लिए कुत्तों को एंटी रेबीज टीके लगाए जा रहे हैं। अभी सात हजार से अधिक कुत्तों को टीके लगाए जा चुके हैं।
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देवबंद :
नगर पालिका क्षेत्र में कितने कुत्ते हैं इसका कोई आंकड़ा नहीं है। नगर पालिका के अध्यक्ष विपिन गर्ग ने बताया कि शासन की तरफ से आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने के लिए कोई अलग से बजट नहीं आता है। इस वजह से नसबंदी नहीं हुई।
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गंगोह : डेढ़ वर्ष पूर्व 548 कुत्तों की नसबंदी की गई थी। इसके बाद कोई अभियान नहीं चलाया गया। नगर पालिका ईओ लोकेंद्र सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में लगभग 1500 कुत्ते हैं।
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सरसावा :
सरसावा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व 600 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी। सरकार की ओर से कोई बजट प्राप्त नहीं होता है। इस वजह से भी दिक्कत रहती है।
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नकुड़ :
नगर पालिका परिषद के बड़े बाबू सुरेश कुमार ने बताया कि वैसे तो कोई अभियान नही चलाया गया है। करीब पंद्रह दिन पहले गांधी आश्रम के पास से कुछ लोगों की शिकायत पर सफाई कर्मचारियों के द्वारा कुत्तों के झुंड को कई जगह से खदेड़ा गया था।
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नगर पंचायत :
- रामपुर मनिहारान में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए न तो कोई अभियान चलाया गया है और न ही उनकी नसबंदी कराई है।
- अंबेहटा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार भास्कर ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर पंचायत में कोई बजट नहीं आता है।
- नानौता और छुटमलपुर दोनों नगर पंचायत के ईओ कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि क्षेत्र के कुत्तों की नसबंदी नहीं हुई है।
- वहीं, तीतरों नगर पंचायत के मुख्य लिपिक राजकुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
- चिलकाना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष नगर पंचायत द्वारा 200 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी।
- बेहट नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुलरहमान उर्फ शालू ने बताया कि जनवरी 2026 में अभियान चलाकर 137 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी। निकाय स्तर से ही खर्च किया गया था।
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सहारनपुर :
नगर निगम क्षेत्र में करीब 40 हजार आवारा कुत्ते हैं। कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए बीते पांच साल से एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर संचालित है, जिसके माध्यम से करीब 25 हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके अलावा नगर निगम शहर को रेबीज फ्री बनाने के लिए भी काम कर रहा है। इसके लिए कुत्तों को एंटी रेबीज टीके लगाए जा रहे हैं। अभी सात हजार से अधिक कुत्तों को टीके लगाए जा चुके हैं।
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देवबंद :
नगर पालिका क्षेत्र में कितने कुत्ते हैं इसका कोई आंकड़ा नहीं है। नगर पालिका के अध्यक्ष विपिन गर्ग ने बताया कि शासन की तरफ से आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने के लिए कोई अलग से बजट नहीं आता है। इस वजह से नसबंदी नहीं हुई।
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गंगोह : डेढ़ वर्ष पूर्व 548 कुत्तों की नसबंदी की गई थी। इसके बाद कोई अभियान नहीं चलाया गया। नगर पालिका ईओ लोकेंद्र सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में लगभग 1500 कुत्ते हैं।
सरसावा :
सरसावा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व 600 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी। सरकार की ओर से कोई बजट प्राप्त नहीं होता है। इस वजह से भी दिक्कत रहती है।
नकुड़ :
नगर पालिका परिषद के बड़े बाबू सुरेश कुमार ने बताया कि वैसे तो कोई अभियान नही चलाया गया है। करीब पंद्रह दिन पहले गांधी आश्रम के पास से कुछ लोगों की शिकायत पर सफाई कर्मचारियों के द्वारा कुत्तों के झुंड को कई जगह से खदेड़ा गया था।
नगर पंचायत :
- रामपुर मनिहारान में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए न तो कोई अभियान चलाया गया है और न ही उनकी नसबंदी कराई है।
- अंबेहटा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार भास्कर ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर पंचायत में कोई बजट नहीं आता है।
- नानौता और छुटमलपुर दोनों नगर पंचायत के ईओ कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि क्षेत्र के कुत्तों की नसबंदी नहीं हुई है।
- वहीं, तीतरों नगर पंचायत के मुख्य लिपिक राजकुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
- चिलकाना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष नगर पंचायत द्वारा 200 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी।
- बेहट नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुलरहमान उर्फ शालू ने बताया कि जनवरी 2026 में अभियान चलाकर 137 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी। निकाय स्तर से ही खर्च किया गया था।