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सीजन आधा निकल गया, अब बना रहे चेक गेट
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सहारनपुर। आधे से अधिक सीजन बीतने के बाद अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जनपद में इलेट्रोनिक चेक गेट का निर्माण कराया जा रहा है। इन चेक गेट के माध्यम से खनिज के अवैध परिवहन पर नजर रखी जाएगी। प्रथम चरण में शाहजहांपुर और बिहारीगढ में चेक गेट लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
जनपद में लगातार अवैध खनिज परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं। चेकिंग के दौरान लगातार इस तरह के वाहनों को पकड़ा गया है। चेक गेट पर सीसीटीवी सहित अन्य आधुनिक उपकरण होंगे। जिससे वाहन में लदे खनिज की मात्रा और उसके प्रपत्रों पर नजर रखी जा सकेगी। एक प्रपत्र पर अधिक बार खनिज ले जाने वाले भी पकड़े जाएंगे और ओवरलोडिंग पर भी अंकुश लगेगा।
इस तरह से लगेगा अंकुश-
- खनिज की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों में माइन टैग लगा होना अनिवार्य है। जिस समय वाहन में खनिज भरा जाएगा उसके बाद उसका ऑनलाइन प्रपत्र जारी होगा। इसमें खनिज और उसकी मात्रा का भी उल्लेख होगा। खनिज को लेकर वाहनों के चेक गेट से गुजरते समय वाहन में भरे खनिज और उसकी मात्रा का पता चल जाएगा। यदि वाहन के पास वैध प्रपत्र नहीं होंगे या मानक से अधिक खनिज भरा होगा तो इसका एलर्ट कलक्ट्रेट परिसर स्थित कमांड सेंटर का चला जाएगा। जिससे सचल दल को भेजकर अवैध खनिज परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ लिया जाएगा।
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दो बार हुए टेंडर, इसलिए हुई देरी
- जनपद में इलेक्ट्रोनिक चेक गेट सीजन शुरू होने के दो-तीन महीने के बाद लगाए जाने थे। इसके लिए मुख्यालय स्तर से टेंडर भी हो गए थे। लेकिन ठेका लेने वाली कंपनी ने इसमें देरी कर दी। इसके बाद दोबारा टेंडर निकाले गए। इसलिए चेक गेट लगने में देरी हुई है। इनके लगने से अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगने में मदद मिलेगी।-- आशीष कुमार, जिला खान अधिकारी।
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जनपद में लगातार अवैध खनिज परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं। चेकिंग के दौरान लगातार इस तरह के वाहनों को पकड़ा गया है। चेक गेट पर सीसीटीवी सहित अन्य आधुनिक उपकरण होंगे। जिससे वाहन में लदे खनिज की मात्रा और उसके प्रपत्रों पर नजर रखी जा सकेगी। एक प्रपत्र पर अधिक बार खनिज ले जाने वाले भी पकड़े जाएंगे और ओवरलोडिंग पर भी अंकुश लगेगा।
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इस तरह से लगेगा अंकुश-
- खनिज की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों में माइन टैग लगा होना अनिवार्य है। जिस समय वाहन में खनिज भरा जाएगा उसके बाद उसका ऑनलाइन प्रपत्र जारी होगा। इसमें खनिज और उसकी मात्रा का भी उल्लेख होगा। खनिज को लेकर वाहनों के चेक गेट से गुजरते समय वाहन में भरे खनिज और उसकी मात्रा का पता चल जाएगा। यदि वाहन के पास वैध प्रपत्र नहीं होंगे या मानक से अधिक खनिज भरा होगा तो इसका एलर्ट कलक्ट्रेट परिसर स्थित कमांड सेंटर का चला जाएगा। जिससे सचल दल को भेजकर अवैध खनिज परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ लिया जाएगा।
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दो बार हुए टेंडर, इसलिए हुई देरी
- जनपद में इलेक्ट्रोनिक चेक गेट सीजन शुरू होने के दो-तीन महीने के बाद लगाए जाने थे। इसके लिए मुख्यालय स्तर से टेंडर भी हो गए थे। लेकिन ठेका लेने वाली कंपनी ने इसमें देरी कर दी। इसके बाद दोबारा टेंडर निकाले गए। इसलिए चेक गेट लगने में देरी हुई है। इनके लगने से अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगने में मदद मिलेगी।-- आशीष कुमार, जिला खान अधिकारी।