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जर्जर मकानों पर आफत: मकान की छत गिरी, मलबे में दबे मां-बेटा, मची चीख-पुकार

Mon, 02 Aug 2021 09:03 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 02 Aug 2021 09:03 PM IST
सार

बारिश के बाद यहां एक परिवार पर आफत टूट पड़ी। मकान की छत गिरने से मलबे में मां-बेटा दब गए। इससे वहां चीख-पुकार मच गई।

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The roof of a house collapsed and mother and son were injured after rain in Saharanpur
सहारनपुर पुलिस। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बारिश के बाद तेज धूप निकलने पर जर्जर मकानों पर आफत आ गई। शहर के मोहल्ला गणपत सराय में मकान की छत गिर गई, जिसमें मां-बेटे दब गए। इस दौरान वहां चीख-पुकार मच गई। वहीं, नखासा बाजार में मकान का छज्जा व मोहल्ला शाह विलायत में मकान का आधा हिस्सा गिर गया। 

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कोतवाली मंडी क्षेत्र के मोहल्ला गणपत सराय नीमतला में हकीम अब्दुल लतीफ के मकान की छत सोमवार सुबह भरभराकर गिर गई, जिसमें अब्दुल लतीफ की पत्नी अंजुम और बेटा समीर दब गए। धमाके की आवाज होने पर पड़ोसियों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। अंजुम की आंख व पैर में चोट आई और समीर का सिर फट गया। मौके पर पहुंचे पार्षद मंसूर बदर ने एसडीएम सदर और लेखपाल को सूचना दी। साथ ही घायलों का उपचार कराया। जिला प्रशासन से पीड़ितों की आर्थिक मदद की मांग की। 
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नखासा बाजार में छज्जा, शाह विलायत में मकान भी गिरा 
नखासा बाजार में शफीक के मकान का छज्जा और दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे गली अवरुद्ध हो गई। लोगों ने मलबा हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारु कराई। हालांकि, इस हादसे में कोई चोटिल नहीं हुआ। मोहल्ला शाह विलायत में खाली पड़ा मकान रविवार शाम गिर गया था। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी जानकारी करने में जुटे हैं कि मकान किसका है। 

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यहां कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा 
पुराने शहर कई इलाकों में जर्जर मकान हैं। जिनसे हादसों का खतरा बना है। 21 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। क्योंकि महानगर में 150 से अधिक जर्जर भवन है, जो बारिश की वजह से गिर सकते हैं। शहर में मोहल्ला छत्ता जंब्बूदास, रानी बाजार, दीनानाथ बाजार, हलवाई हट्टा, मोरगंज बाजर, हिरनमाहरान, बड़तला यादगार, कंबोह का पुल, ढोलीखाल सहित कई जगहों पर जर्जर भवनों में परिवार रहते हैं। पूर्व में कई बार घटनाएं हो चुकी है। लोगों को मकान खाली करने या ठीक कराने को नोटिस दिया जाता है, लेकिन बरसात के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल डाल दिया जाता है। 

पहले भी हो चुकीं घटनाएं 
- रानी बाजार में एक जर्जर भवन के गिरने से मां-बेटे की दबकर मौत हुई थी। 
- हिरनमारान में जर्जर भवन के गिरने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी। 
- हिरनमारान में पुराने भवन का एक हिस्सा गिर जाने से कई लोग दब गए थे। एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी।  
-- मानकमऊ में एक मकान की छत गिरने से तीन भाई बहन की मौत हो गई थी। 

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