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तीन विभागों के अभिलेखों से होगी पड़ताल

Tue, 20 Jul 2021 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:24 AM IST
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The records of the three departments will be scrutinized
सहारनपुर। नागल रोड पर गांव टपरी में हिंडन नदी की जमीन को लेकर जांच के लिए तीन विभागों के अभिलेखों की जांच की जाएगी। फिलहाल तहसील प्रशासन ने तीनों विभाग से टपरी गांव में हिंडन नदी के फाट सहित आसपास की जमीन की ब्योरा मांगा है। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि हिंडन नदी की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, टपरी में शराब फैक्टरी पीछे ही नवनिर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण से ही हिंडन नदी से की जमीन पर अवैध कब्जे की आशंका पैदा हुई। इसके बाद रविवार को ही तहसील सदर की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। सिजरा की की पड़ताल की गई। उसमें खुलासा हुआ है कि अखिलेखों में हिंडन नदी ही नहीं है। शुगर मिल प्रबंधन की तरफ से तहसील प्रशासन को बताया कि उन्होंने जमीन का बैनामा कराया, उसी पर निर्माण कराया गया है। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल जांच में यह भूमि राजस्व ग्राम यूसुफपुर मुस्तकहम में पड़ती है। टीम द्वारा अभिलेखों और मौके की पड़ताल में पाया कि जिस भूमि में वर्तमान में हिंडन नदी चल रही है, वह अभिलेखों में काश्तकारों के नाम दर्ज है और सिजरा मानचित्र में भी हिंडन नदी नहीं दर्शाई गई है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि संभवत: यह त्रुटि चकबंदी के दौरान हुई है, जांच कराकर अभिलेखों को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के साथ ही चकबंदी और सिंचाई विभाग से अ भिलेख मांगे गए हैं, उसी से जांच की जाएगी कि हिंडन नदी की जमीन अ भिलेखों में दर्ज क्यों नहीं है। किस स्तर पर इसमें लापरवाही हुई है।
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375 किलोमीटर है हिंडन की कुल लंबाई
हिंडन का उद्गम स्थल कालूवाला पहाड़ीपुर से बताया जा है, जो सहारनपुर के बाद मुजफ्फरनगर, बागपत होते हुए गाजियाबाद के आगे जाकर यमुना नदी में मिल जाती है। इस नदी की कुल लंबाई करीब 375 किलोमीटर बताई जाती है। पूर्व में हिंडन नदी के जीर्णोद्धार के लिए एक्शन प्लान तक बनाया गया, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। हिंडन नदी में प्रदूषण और अन्य कारणों को लेकर एनजीटी में सीबी सिंह की तरफ से याचिका भी दायर की जा चुकी हैं।
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