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रीढ़ का दर्द दे रहे सड़कों के गड्ढे

Sun, 16 Oct 2022 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 12:45 AM IST
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The potholes of the roads giving back pain
टूटी सड़क से गुजरता बाइक सवार। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शहर से लेकर देहात की सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। यह गड्ढे वाहन चालकों को रीढ़ का दर्द दे रहे हैं। कई बार गड्ढों में पानी भरा होने पर यह पता नहीं चलता है कि गड्ढा कितना गहरा है। जब वाहन उसमें उतरता है तो जोरदार झटका लगता है। सड़कों में गड्ढों के कारण सरकारी व निजी अस्पतालों में रीढ़, कमर दर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
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रविवार को विश्व रीढ़ दिवस मनाया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि शरीर रीढ़ की हड्डी पर ही टिका होता है। बार-बार झटके लगने से रीढ़ की हड्डी कमजोर होने का खतरा रहता है। इसके कमजोर होने पर ब्रेक पेन, स्लिप डिस्क, गर्दन में दर्द, कलाई में दर्द, जोड़ों के दर्द के साथ ही हड्डियों से जुड़ी कई बीमारियां हो रही है। यहीं नहीं रीढ़ की हड्डी कमजोर होने पर पूरे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इस समय आलम यह है कि देहात ही बल्कि शहर में भी सड़कों पर असंख्य गड्ढे हैं। जिनकी वजह से सरकारी अस्पताल व निजी अस्पतालों में रीढ़ की परेशानियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले जहां जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के यहां 120 से 140 तक मरीज आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 150 से 180 तक पहुंच गई है। इनमें 10 से 15 फीसदी मरीज रीढ़ के दर्द से पीड़ित होते हैं।
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बोले चिकित्सक
सड़क के गड्ढों का सीधा असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। बाइक चलाने पर शरीर का पूरा दबाव कमर और गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर आ जाता है। सड़कों पर अधिक गड्ढे होने या खस्ताहाल होने पर झटके लगते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है। उनके यहां सड़कों में गड्ढों के कारण रीढ़ के दर्द से परेशानी के मरीज आ रहे हैं।
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- डॉ. सुभाष सहगल, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं ऑर्थो सर्जन
उबड़-खाबड़ सड़कों पर गाड़ी चलाने के दौरान विशेष सावधानी बरतें। सड़कों में गड्ढे होने के कारण रीढ़ की हड्डी के दर्द से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में हर महीने 50 से 60 मरीज ऐसे ही होते हैं।
- डॉ. धर्मराज मानु, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
ये बरतें एहतियात
ज्यादा नीचे न झुकें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें।
बैठते समय शरीर को सीधा रखें।
स्लिप डिस्क होने पर वेस्टर्न टॉयलेट का उपयोग करें।
इन दिक्कतों से बचने के लिए बाइक का कम उपयोग करें।
चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
केस नंबर-एक
बुड्ढाखेड़ा निवासी धर्मपाल (42 वर्षीय) बाइक से अपने गांव से शहर आ रहे थे। गांव से निकलते ही गड्ढे में बाइक आ गई, जिसके बाद से उनकी रीढ़ में दर्द बना हुआ है। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

केस नंबर-दो
खेड़ा मुगल निवासी (45 वर्षीय) विमला अपने पति नरेंद्र के साथ नागल जा रही थी। यह बात पिछले महीने की है। सड़क पर गड्ढे अधिक थे। गड्ढों की वजह से उनकी रीढ़ व कमर का दर्द हो गया। वह जिला अस्पताल दिखाने के लिए आती रहती है।
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