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Saharanpur News: आर्थिक रूप से कमजोर हैं याचिकाकर्ता, उनके हित को ध्यान में रखा जाए

Fri, 10 Apr 2026 01:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:23 AM IST
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The petitioners are economically weak and their interests should be taken into consideration.
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- हाईकोर्ट पहुंचे सर्किट हाउस रोड के पीड़ित परिवार, सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए थे मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सड़क के चौड़ीकरण के लिए सर्किट हाउस रोड पर सिंचाई विभाग द्वारा एक अप्रैल को अनेक मकानों के आगे के हिस्से ध्वस्त किए गए थे। इससे आहत पीड़ित परिवारों ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कहा है कि याचिकाकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखा जाए।
सोराज और 16 अन्य लोगों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वादी और प्रतिवादी के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष कोर्ट में रखा। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि रजबहा नहर के बाईं ओर स्थित शुगर मिल से हसनपुर रोड तक और याचिकाकर्ताओं के गांव लक्कड़ मजारा और कोरी मजारा के पार स्थित आरसीसी सड़क के चौड़ीकरण के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
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याचिकाकर्ता निम्न वर्ग अनुसूचित जाति से हैं। उन्हें सड़क से हटाने के लिए पुनर्वास करना प्रतिवादियों की जिम्मेदारी है। दूसरे पक्ष के वकील ने कहा कि सड़क का चौड़ीकरण जनहित में किया जा रहा है। सड़क पर बने मकानों को हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। दोनों पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं, जिस भूमि पर उनके मकान हैं वह उनकी है या नहीं। यह जांच का विषय है। चूंकि याचिकाकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं। इसलिए यदि कोई निर्माण कार्य किया जाता है, तो निश्चित रूप से उनके पक्ष को ध्यान में रखा जाना चाहिए और यह भी अपेक्षा की जाती है कि प्रतिवादी उनके पुनर्वास को सुनिश्चित किया जाए।
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-- सर्किट हाउस रोड मामले में कुछ लोग हाईकोर्ट गए थे। आठ अप्रैल को सुनवाई हो चुकी है। कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया है। पुर्नवास उस स्थिति में संभव होता है, यदि उन्हें बेघर किया जाता। सभी के घर सुरक्षित हैं। केवल सड़कों पर किया गया अतिक्रमण हटाया गया है, जिसमें चबूतरे और छज्जे थे। - प्रवीण जोशिया, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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