{"_id":"62ab71d9c8b9e001a92f91d7","slug":"the-people-of-switzerland-will-taste-the-dussehri-mango-of-the-district-saharanpur-news-mrt593124266","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्विट्जरलैंड वासी चखेंगे जनपद के दशहरी आम का स्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्विट्जरलैंड वासी चखेंगे जनपद के दशहरी आम का स्वाद
विज्ञापन
सहारनपुर। अपने स्वाद एवं खुशबू के लिए मशहूर जनपद के आम के निर्यात का पहला आर्डर प्राप्त हो गया है। रविवार को 500 किलो दशहरी आम स्विट्जरलैंड भेजा जाएगा। इसकी प्रोसेसिंग मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस में की जाएगी। इस सीजन में जनपद से निर्यात होने वाली यह पहली खेप होगी।
जनपद के आम की दुनिया के कई देशों में मांग है। यहां से प्रतिवर्ष काफी मात्रा में आम का निर्यात होता है। जनपद का आम स्विट्जरलैंड, आस्ट्रेलिया, स्वीडन, भूटान, फ्रांस, इटली, यूनाईटेड किंगडम, नेपाल, जापान, कोरिया, उजबेकिस्तान आदि देशों में निर्यात होता है। इसके लिए मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस में आम को प्रोसेस किया जाता है। रविवार को निर्यातक रजत गुप्ता 500 किलो दशहरी आम की पहली खेप को स्विटजरलैंड के लिए रवाना करेंगे। निर्यात करने से पहले आम की प्रोसेस मैंगो पैक हाउस में की जाएगी। (संवाद)
ये है आम की प्रोसेसिंग प्रक्रिया
मैंगो पैक हाउस में आम को सबसे पहले साफ पानी से धोकर साफ किया जाता है, फिर इसकी ग्रेडिंग होती है। इसके बाद आम को वीएचटी (वेपर हीट ट्रीटमेंट) से गुजारा जाता है। इससे आम को किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया, फंगस या वायरस आदि के प्रकोप से मुक्त किया जाता है। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद आम निर्यात के लिए तैयार होता है।
विज्ञापन
विदेशियों को भाती हैं ये प्रजातियां
आम की यूूं तो सभी प्रजातियां अपनी खूबियों के कारण विदेशों में पसंद की जाती हैं। इनमें से कई प्रजातियां विदेशियों को अधिक भाती हैं। इनमें दशहरी, चौसा, लंगड़ा, रामकेला, अल्फांसो, केसर, राजापुरी, मल्लिका और कलमी शामिल हैं।
19 जून को जाएगी पहली खेप
रविवार को 500 किलो दशहरी आम स्विट्जरलैंड जाएगा। यह जनपद से निर्यात होने वाले आम की पहली खेप है। इसके लिए मैंगो पैक हाउस में आम की प्रोसेसिंग की जाएगी। कोरोना काल के बाद इस बार आम के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है। -- अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।
आम का निर्यात (किलो में)
वर्ष निर्यात
2017-18 352297
2018-19 361595
2019-20 727895
2020-21 268001
2021-22 286110
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।
विज्ञापन
जनपद के आम की दुनिया के कई देशों में मांग है। यहां से प्रतिवर्ष काफी मात्रा में आम का निर्यात होता है। जनपद का आम स्विट्जरलैंड, आस्ट्रेलिया, स्वीडन, भूटान, फ्रांस, इटली, यूनाईटेड किंगडम, नेपाल, जापान, कोरिया, उजबेकिस्तान आदि देशों में निर्यात होता है। इसके लिए मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस में आम को प्रोसेस किया जाता है। रविवार को निर्यातक रजत गुप्ता 500 किलो दशहरी आम की पहली खेप को स्विटजरलैंड के लिए रवाना करेंगे। निर्यात करने से पहले आम की प्रोसेस मैंगो पैक हाउस में की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
ये है आम की प्रोसेसिंग प्रक्रिया
मैंगो पैक हाउस में आम को सबसे पहले साफ पानी से धोकर साफ किया जाता है, फिर इसकी ग्रेडिंग होती है। इसके बाद आम को वीएचटी (वेपर हीट ट्रीटमेंट) से गुजारा जाता है। इससे आम को किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया, फंगस या वायरस आदि के प्रकोप से मुक्त किया जाता है। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद आम निर्यात के लिए तैयार होता है।
विज्ञापन
विदेशियों को भाती हैं ये प्रजातियां
आम की यूूं तो सभी प्रजातियां अपनी खूबियों के कारण विदेशों में पसंद की जाती हैं। इनमें से कई प्रजातियां विदेशियों को अधिक भाती हैं। इनमें दशहरी, चौसा, लंगड़ा, रामकेला, अल्फांसो, केसर, राजापुरी, मल्लिका और कलमी शामिल हैं।
19 जून को जाएगी पहली खेप
रविवार को 500 किलो दशहरी आम स्विट्जरलैंड जाएगा। यह जनपद से निर्यात होने वाले आम की पहली खेप है। इसके लिए मैंगो पैक हाउस में आम की प्रोसेसिंग की जाएगी। कोरोना काल के बाद इस बार आम के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है। -- अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।
आम का निर्यात (किलो में)
वर्ष निर्यात
2017-18 352297
2018-19 361595
2019-20 727895
2020-21 268001
2021-22 286110
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।