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Saharanpur News: नहीं हुआ बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान, किसान परेशान
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सहारनपुर। जनपद की चार चीनी मिलें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में कोताही बरत रही हैं। इन चीनी मिलों पर किसानों का 175.96 करोड़ रुपए गन्ना मूल्य के बकाया हैं। जिले में सबसे अधिक गांगनौली चीनी मिल पर 117.29 करोड़ रुपये बकाया हैं।
शासन प्रशासन के तमाम प्रयास जनपद में पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले की आठ में चार चीनी मिलों पर अभी भी 175.96 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के अवशेष है। चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम है। इसके बाद बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही होता है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिलता है। जिले की चार चीनी मिलों द्वारा अभी तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने से किसान आर्थिक रूप से परेशान है।
- बोले किसान
गांव बोहडूपुर निवासी मुकीम प्रधान ने बताया कि वह गन्ना किसान है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से कारण फसल के लिए दुकानदार से कीटनाशक एवं उर्वरक भी उधार लेने पड़ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य खर्च भी हैं, बकाया भुगतान नहीं होने से आर्थिक तौर पर परेशान हैं।
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- नगली मेहनाज निवासी विजेंद्र सिंह का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से बेहद परेशान हैं। इसके कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। घरेलू एवं सामाजिक खर्च पूरा करने में भारी परेशानी हो रही है।
- गांव चकखीजरपुर निवासी किसान विशंभर सिंह का कहना है कि मिल पर पौधे गन्ने का पूरा भुगतान शेष है। आर्थिक परेशानी के चलते उन्हें धान की फसल की तैयारी में दिक्कत हो रही है। बारिश नहीं होने से गन्ने सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए डीजल खर्च करना पड़ रहा है।
- खजूरी अकबरपुर के किसान गुरुदत्त ने बताया कि बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से बच्चों की शिक्षा का खर्च एवं रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। धान और गन्ने की फसल तैयार करने के लिए उधार लेना पड़ रहा है।
- वर्जन
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कराई है। इसमें चीनी मिलों को जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी भुगतान करने में कोताही बरतने वाली मिल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
- चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़ में)
चीनी मिल-- -- -- -- - बकाया
गांगनौली-- -- -- -- -- 117.29
गागलहेडी-- -- -- -- - 31.26
टोडरपुर-- -- -- -- -- - 21.05
बिड़वी-- -- -- -- -- -- 6.36
-- -- -- -- -- -
नोट: गन्ना विभाग के 22 जून के आंकड़े।
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शासन प्रशासन के तमाम प्रयास जनपद में पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले की आठ में चार चीनी मिलों पर अभी भी 175.96 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के अवशेष है। चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम है। इसके बाद बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही होता है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिलता है। जिले की चार चीनी मिलों द्वारा अभी तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने से किसान आर्थिक रूप से परेशान है।
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- बोले किसान
गांव बोहडूपुर निवासी मुकीम प्रधान ने बताया कि वह गन्ना किसान है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से कारण फसल के लिए दुकानदार से कीटनाशक एवं उर्वरक भी उधार लेने पड़ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य खर्च भी हैं, बकाया भुगतान नहीं होने से आर्थिक तौर पर परेशान हैं।
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- नगली मेहनाज निवासी विजेंद्र सिंह का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से बेहद परेशान हैं। इसके कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। घरेलू एवं सामाजिक खर्च पूरा करने में भारी परेशानी हो रही है।
- गांव चकखीजरपुर निवासी किसान विशंभर सिंह का कहना है कि मिल पर पौधे गन्ने का पूरा भुगतान शेष है। आर्थिक परेशानी के चलते उन्हें धान की फसल की तैयारी में दिक्कत हो रही है। बारिश नहीं होने से गन्ने सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए डीजल खर्च करना पड़ रहा है।
- खजूरी अकबरपुर के किसान गुरुदत्त ने बताया कि बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से बच्चों की शिक्षा का खर्च एवं रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। धान और गन्ने की फसल तैयार करने के लिए उधार लेना पड़ रहा है।
- वर्जन
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कराई है। इसमें चीनी मिलों को जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी भुगतान करने में कोताही बरतने वाली मिल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
- चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़ में)
चीनी मिल
गांगनौली
गागलहेडी
टोडरपुर
बिड़वी
नोट: गन्ना विभाग के 22 जून के आंकड़े।