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Saharanpur News: राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने के नाम पर 16.75 लाख ठगे, 10 पर प्राथमिकी
Tue, 22 Sep 2026 01:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:43 AM IST
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सहारनपुर। राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो युवतियों से 16.75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला समेत कई लोगों ने राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर पीड़ित परिवार से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने चार महिला समेत 10 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मानकमऊ निवासी पवित्रा ने तहरीर देकर बताया कि बेटी प्रिंसी पालीवाल और भांजी शैली दुकान पर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान सुमित, उसकी पत्नी रेणू और बेटी तानिया सामान लेने पहुंचे। आरोप है कि दोनों युवतियों को पढ़ाई करते देखकर उन्होंने राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। तानिया ने खुद को राष्ट्रपति भवन में कंप्यूटर नियंत्रक बताते हुए एक फोटो और आईकार्ड भी दिखाया। उसने नौकरी नहीं लगने पर रुपये वापस कराने की गारंटी देने की बात कही।
इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवतियों के मोबाइल नंबर लिए और राष्ट्रपति भवन में सीधे कर्मचारी रखे जाने की बात कहते हुए रकम की मांग शुरू कर दी। परिवार ने लोन, सोसाइटी, लोको पायलट और रिश्तेदारों से रकम जुटाकर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये भेजे। तानिया, सुमित, विक्रांत, जेवेंद्र राणा, अभिषेक, लक्की राणा, रश्मि और सुनीता के खातों में रकम ट्रांसफर की गई। इसके बाद अलग-अलग खातों से 16175 लाख रुपये भेजे गए। काफी समय बाद भी नौकरी नहीं लगी तो परिवार ने रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपी नौकरी की बातचीत और ऑनलाइन ट्रेनिंग का हवाला देकर उन्हें टालते रहे। यहां तक कि भारत-पाकिस्तान युद्ध का हवाला देकर कर्मचारियों से रुपये लिए जाने की बात कही गई। जांच अधिकारी उप निरीक्षक कुलवंत मलिक ने बताया कि सुमित, तानिया, रेणू, शांतनु, विक्रांत, जेवेंद्र राणा, लक्की राणा, अभिषेक राणा उर्फ शांतनु, रश्मि और सुनीता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मानकमऊ निवासी पवित्रा ने तहरीर देकर बताया कि बेटी प्रिंसी पालीवाल और भांजी शैली दुकान पर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान सुमित, उसकी पत्नी रेणू और बेटी तानिया सामान लेने पहुंचे। आरोप है कि दोनों युवतियों को पढ़ाई करते देखकर उन्होंने राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। तानिया ने खुद को राष्ट्रपति भवन में कंप्यूटर नियंत्रक बताते हुए एक फोटो और आईकार्ड भी दिखाया। उसने नौकरी नहीं लगने पर रुपये वापस कराने की गारंटी देने की बात कही।
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इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवतियों के मोबाइल नंबर लिए और राष्ट्रपति भवन में सीधे कर्मचारी रखे जाने की बात कहते हुए रकम की मांग शुरू कर दी। परिवार ने लोन, सोसाइटी, लोको पायलट और रिश्तेदारों से रकम जुटाकर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये भेजे। तानिया, सुमित, विक्रांत, जेवेंद्र राणा, अभिषेक, लक्की राणा, रश्मि और सुनीता के खातों में रकम ट्रांसफर की गई। इसके बाद अलग-अलग खातों से 16175 लाख रुपये भेजे गए। काफी समय बाद भी नौकरी नहीं लगी तो परिवार ने रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपी नौकरी की बातचीत और ऑनलाइन ट्रेनिंग का हवाला देकर उन्हें टालते रहे। यहां तक कि भारत-पाकिस्तान युद्ध का हवाला देकर कर्मचारियों से रुपये लिए जाने की बात कही गई। जांच अधिकारी उप निरीक्षक कुलवंत मलिक ने बताया कि सुमित, तानिया, रेणू, शांतनु, विक्रांत, जेवेंद्र राणा, लक्की राणा, अभिषेक राणा उर्फ शांतनु, रश्मि और सुनीता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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