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Saharanpur News: एकमात्र शिक्षक हुए सेवानिवृत्त, पाठशाला पर लटका ताला
Tue, 30 Apr 2024 04:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 30 Apr 2024 04:46 AM IST
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साढौली कदीम। विकास खंड साढौली कदीम के सैद मोहम्मदपुर गढ़ में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पाठशाला के एकमात्र शिक्षक के सेवानिवृत होने इस पर ताला लग गया है। अध्यापक न होने के कारण यहां नामांकित 72 बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
बता दें कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति समाज कल्याण पाठशाला वर्षों से मात्र एक शिक्षक के भरोसे चल रही थी। अब इस शिक्षक पहल सिंह के भी 31 मार्च को सेवानिवृत होने पर एक माह बाद भी किसी शिक्षक की नियुक्ति पाठशाला में नहीं हो सकी है। इसके चलते पाठशाला में पढ़ने वाले 72 बच्चों की पढ़ाई बंद पड़ी है। पाठशाला के शिक्षक की सेवानिवृत्ति के बाद से बच्चे नियमित स्कूल के चक्कर काट रहे हैं।
ग्राम प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि गांव में दूसरा विद्यालय भी नहीं है। गांव की आबादी एक हजार की है। गांव अनुसूचित बाहुल्य आबादी का है। लगभग दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव नित्यानंदपुर में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। इस विद्यालय को जाने वाले मार्ग पर दिनभर खनिज के वाहनों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इसके चलते ग्रामीण अपने बच्चों को उक्त प्राथमिक विद्यालय भी नहीं भेजते हैं। उन्होंने अविलंब शिक्षक की तैनाती की मांग की है। उधर जिला समाज कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है। वे मुख्य विकास अधिकारी महोदय से बात कर स्कूल में शिक्षक की तैनाती कराने की व्यवस्था करेंगे।
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बता दें कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति समाज कल्याण पाठशाला वर्षों से मात्र एक शिक्षक के भरोसे चल रही थी। अब इस शिक्षक पहल सिंह के भी 31 मार्च को सेवानिवृत होने पर एक माह बाद भी किसी शिक्षक की नियुक्ति पाठशाला में नहीं हो सकी है। इसके चलते पाठशाला में पढ़ने वाले 72 बच्चों की पढ़ाई बंद पड़ी है। पाठशाला के शिक्षक की सेवानिवृत्ति के बाद से बच्चे नियमित स्कूल के चक्कर काट रहे हैं।
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ग्राम प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि गांव में दूसरा विद्यालय भी नहीं है। गांव की आबादी एक हजार की है। गांव अनुसूचित बाहुल्य आबादी का है। लगभग दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव नित्यानंदपुर में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। इस विद्यालय को जाने वाले मार्ग पर दिनभर खनिज के वाहनों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इसके चलते ग्रामीण अपने बच्चों को उक्त प्राथमिक विद्यालय भी नहीं भेजते हैं। उन्होंने अविलंब शिक्षक की तैनाती की मांग की है। उधर जिला समाज कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है। वे मुख्य विकास अधिकारी महोदय से बात कर स्कूल में शिक्षक की तैनाती कराने की व्यवस्था करेंगे।
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