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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पत्र से शिक्षकों में खलबली

Wed, 03 Aug 2022 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:21 AM IST
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The letter from the District Basic Education Officer created panic among the teachers
सहारनपुर। 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके लापरवाह या कार्य में अक्षम शिक्षकों को सेवानिवृत्त किया जाएगा। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे शिक्षकों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के इस पत्र से 50 की आयु पूर्ण कर चुके शिक्षकों में खलबली है।
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प्रदेश सरकार सभी सरकारी विभागों में 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके ऐसे कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर रही है, जो किसी कारण कार्य करने में अक्षम हैं या फिर लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। सरकार का तर्क है कि इससे सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित होगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव (कार्मिक अनुभाग-1) ने जून 2022 में सभी जनपदों को पत्र जारी कर सभी विभागों में ऐसे कर्मचारियों की स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव के आदेश के अनुपालन में जिला अधिकारी अखिलेश सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों को स्क्रीनिंग कराने को कहा है, जिससे अक्षम और लापरवाह कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा सके। जिला अधिकारी के निर्देश के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 26 जुलाई 2022 को पत्र जारी करते हुए शिक्षकों की स्क्रीनिंग करने को कहा है। स्क्रीनिंग में 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके शिक्षकों का रिकॉर्ड देखा जाएगा। यदि वह कार्य करने में अक्षम हैं या काम के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं तो उनको सेवानिवृत्त किया जाएगा, जब से स्क्रीनिंग का पत्र जारी किया गया है, तब से जनपद के शिक्षकों में खलबली है।
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निशाने पर करीब दो हजार शिक्षक
जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक, करीब 40 एडेड और 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं। इनमें करीब पांच हजार स्थायी शिक्षक तैनात हैं। एक अनुमान के अनुसार इनमें से करीब 40 फीसदी यानी करीब दो हजार शिक्षक ऐसे हैं, जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं। ऐसे में सभी शिक्षक टेंशन में हैं। चर्चा है कि ऐसे ज्यादातर शिक्षकों ने अपनी कार्यप्रणाली सुधारते हुए विद्यालयों में समय से पहुंचने और अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीरता बरतना शुरू कर दिया है।
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बिना कारण के किया जा सकता है सेवानिवृत्त
शासन द्वारा जारी आदेश में स्क्रीनिंग के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-2 में भाग दो से चार के मूल नियम-56 में यह व्यवस्था है कि नियुक्ति प्राधिकारी किसी भी समय, किसी सरकारी सेवक चाहे वह स्थायी हो या अस्थायी को नोटिस देकर बिना कारण बताए उसके 50 वर्ष पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हो जाने की अपेक्षा कर सकता है।

सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्त प्रदेश में करीब पांच साल से चल रही है। जिला अधिकारी के निर्देश के बाद हमने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए शिक्षकों की स्क्रीनिंग करने को कहा है। जो भी शिक्षक 50 की आयु पूर्ण कर चुके हैं और वह किसी कारणवश कार्य करने में अक्षम हैं या लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। उन्हें शासन के आदेश के अनुसार सेवानिवृत्त किया जाएगा।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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