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ममता को तरसे मासूम ने दम तोड़ा

Sun, 20 Mar 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 20 Mar 2016 01:26 AM IST
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कितनी अजब विडंबना है कि माता पिता होने के बावजूद जन्म से ही एक मासूम मां की ममता और पिता के प्यार को तरसता रहा। जब मां के आंचल की उम्मीद जगी तो उसने दुनिया से आखिरी विदाई ले ली। 
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बता दें कि 24 जनवरी को लिंक रोड के अस्पताल में एक नवजात को जन्म देने के बाद उसकी मां और पिता बीमार होने पर 25 जनवरी को उसे बाजोरिया रोड स्थित बाल रोग चिकित्सक डा. राजेश शर्मा के यहां भर्ती कराने आए थे।
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बच्चे को यहां भर्ती कराने के बाद दंपति पैसे का इंतजाम करने की बात कहकर वहां से चला गया। आईसीयू में जिंदगी से जूझते इस नवजात के लिए न तो मां वापस आई और न ही पिता।
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कई दिन तक बच्चे के लावारिस हालात में रहने के बाद चाइल्ड लाइन संस्था ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि अमृतसर के गुरबख्श नगर के रहने वाले गुरजंत सिंह और नमृता कौर का यह बच्चा है।

संस्था के निदेशक मंसूर अहमद के मुताबिक बच्चे को माता पिता से मिलाने के लिए टीम पंजाब गई तो पता चला कि बच्चे की मां को ठगी के आरोप में पंजाब पुलिस ने जेल भेज दिया है जबकि पिता फरार चल रहा है।

इसके बाद जेल में मां नमृता से भी संपर्क किया गया। तय हुआ कि वह जमानत पर छूटने के बाद अपने बच्चे को ले जाएगी। इस पर संस्था बच्चे को जल्द ही अभिभावकों से मिलाने की उम्मीदें लगा ही रही थीं कि उसने दम तोड़ दिया।

माता पिता के यहां न होने के कारण संस्था ने ही उसके शव का पहले पोस्टमार्टम कराया और फिर गुरुद्वारे के ग्रंथी से उसका अंतिम संस्कार कराया। मासूम की ऐसी मौत देख हर कोई गम में था।

 किस्मत ने साथ नहीं दिया ः सहारनपुर। बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेश शर्मा कहते हैं कि बिना मां के दूध के ही आईसीयू में नियमित उपचार देकर बच्चे को बचाने और उसे मां बाप से मिलवाने की तमाम कोशिशें की गई। मगर, न तो उसे बचाया जा सका और न ही मां बाप तक पहुंचाया जा सका। शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था।


कई माताओं ने फैलाया आंचल ः सहारनपुर। लावारिस हालत में अस्पताल में जिंदगी से जूझने वाले इस नवजात को हासिल करने के लिए कई दंपति तैयार हो गए थे। 250 से भी अधिक परिवारों ने संपर्क किया। मगर माता पिता जीवित होने और उनकी शिनाख्त हो जाने के कारण ऐसा नहीं किया जा सका।
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