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वनों में रही चौकसी, वन्य जीव रहे महफूज
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शाकंबरी रेंज में गश्त करते पुलिस कर्मी
- फोटो : SAHARANPUR
वनों में रही चौकसी, वन्य जीव रहे महफूज
सहारनपुर। नए साल के चलते सहारनपुर के जंगलों में कड़ा पहरा रहा। इस दौरान शिकारियों और तस्करों पर पैनी निगाह रखी गई। रेंजरों की मौजूदगी में टीमों ने जंगल में देर रात गश्त की। जिसकी वजह से वन्य जीव और वन संपदा पर गलत नजर डालने वाले हिम्मत न कर सके।
सहारनपुर परिक्षेत्र अंतर्गत शिवालिक वन क्षेत्र अंतर्गत वन संरक्षक की ओर से नए साल से पहले और नए साल के पहले सप्ताह तक वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर खाका तैयार किया था। वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी और रेंजर स्तर पर टीमों का गठन किया गया। नए साल की पूर्व संध्या से लेकर सुबह आठ बजे तक लंबी दूरी की गश्त की गई। जंगल के अंदर गश्त कर रही टीमें एक दूसरे से मिलान बिन्दू पर मिलते रहे और जंगल का हाल बताते रहे। वॉकी-टॉकी से मुख्यालय को भी संदेश प्रसारित किया जाता रहा। लंबी दूरी की गश्त में रेंज स्तर के अफसर भी मौजूद रहें जबकि प्रभागीय वनाधिकारियों और उप प्रभागीय वनाधिकारियों ने लंबी दूरी गश्त का जायजा भी लिया। इस दौरान शिवालिक वन क्षेत्र के संवेदनशील रेंज मोहंड, बादशाहीबाग, शाकुंभरी, सहारनपुर, देवबंद, नकुड़, रामपुर और बेहट पर विशेष तौर पर एहतियात बरती गई। जबकि मुजफ्फरनगर के मोरना, बुढ़ाना, जानसठ और मुजफ्फरनगर रेंज के अलावा शामली वन प्रभाग शामली के कैराना और ऊन रेंजों में गश्त कर वन्य जीवों और प्रवासी परिंदों के शिकारियों और तस्करों की सुरक्षा में वन कर्मी तैनात रहे।
सहारनपुर परिक्षेत्र के तीन प्रभागों और शिवालिक वन प्रभाग में नए साल की पूर्व संध्या से लेकर नए साल की सुबह तक लंबी दूरी की गश्त टीम बनाकर की गई। जंगल में वन और वन्य जीव महफूज रहें। गश्त लगातार जारी है।
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वीके जैन, वन संरक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र
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सहारनपुर। नए साल के चलते सहारनपुर के जंगलों में कड़ा पहरा रहा। इस दौरान शिकारियों और तस्करों पर पैनी निगाह रखी गई। रेंजरों की मौजूदगी में टीमों ने जंगल में देर रात गश्त की। जिसकी वजह से वन्य जीव और वन संपदा पर गलत नजर डालने वाले हिम्मत न कर सके।
सहारनपुर परिक्षेत्र अंतर्गत शिवालिक वन क्षेत्र अंतर्गत वन संरक्षक की ओर से नए साल से पहले और नए साल के पहले सप्ताह तक वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर खाका तैयार किया था। वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी और रेंजर स्तर पर टीमों का गठन किया गया। नए साल की पूर्व संध्या से लेकर सुबह आठ बजे तक लंबी दूरी की गश्त की गई। जंगल के अंदर गश्त कर रही टीमें एक दूसरे से मिलान बिन्दू पर मिलते रहे और जंगल का हाल बताते रहे। वॉकी-टॉकी से मुख्यालय को भी संदेश प्रसारित किया जाता रहा। लंबी दूरी की गश्त में रेंज स्तर के अफसर भी मौजूद रहें जबकि प्रभागीय वनाधिकारियों और उप प्रभागीय वनाधिकारियों ने लंबी दूरी गश्त का जायजा भी लिया। इस दौरान शिवालिक वन क्षेत्र के संवेदनशील रेंज मोहंड, बादशाहीबाग, शाकुंभरी, सहारनपुर, देवबंद, नकुड़, रामपुर और बेहट पर विशेष तौर पर एहतियात बरती गई। जबकि मुजफ्फरनगर के मोरना, बुढ़ाना, जानसठ और मुजफ्फरनगर रेंज के अलावा शामली वन प्रभाग शामली के कैराना और ऊन रेंजों में गश्त कर वन्य जीवों और प्रवासी परिंदों के शिकारियों और तस्करों की सुरक्षा में वन कर्मी तैनात रहे।
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सहारनपुर परिक्षेत्र के तीन प्रभागों और शिवालिक वन प्रभाग में नए साल की पूर्व संध्या से लेकर नए साल की सुबह तक लंबी दूरी की गश्त टीम बनाकर की गई। जंगल में वन और वन्य जीव महफूज रहें। गश्त लगातार जारी है।
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वीके जैन, वन संरक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र