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Saharanpur News: जिले में वन क्षेत्र 49.92 वर्ग किलोमीटर बढ़ा
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विश्व पृथ्वी दिवस:-
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भू-गर्भजल 0.71 मीटर ऊपर आया
-जनपद में प्रशासन ने वन क्षेत्र बढ़ाने तथा भू-गर्भजल के साथ ही नदियों पर बेहतर काम किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिस दौर में दुनिया भर में वन क्षेत्र कम हो रहे हैं। भू-गर्भ जल लगातार नीचे जा रहा है और नदियां दूषित हो रही हैं। ऐसे समय में सहारनपुर जिला प्रशासन ने तीनों क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किया है। वन क्षेत्र बढ़ने के साथ ही यहां नदियों की स्थिति भी सुधरी है। साथ ही भू-गर्भ जल स्तर भी बढ़ा है।
एफएसआई (फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया) की 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक सहारनपुर जनपद में 12.02 प्रतिशत वन क्षेत्र था। 2021 में वन क्षेत्र बढ़कर 13.37 फीसदी हो गया। यानी इसमें 1.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर जनपद में वन क्षेत्र 49.92 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ा। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में सबसे अधिक थी।
यह वन क्षेत्र ऐसे ही नहीं बढ़ा है। जनपद में वर्ष 2019 में हिंडन नदी कि किनारे पर 15 हजार लोगों ने एक ही दिन में 54 हजार पौधे रोपे थे। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के साथ ही शासन के अधिकारी भी शामिल हुए थे। बीते वर्ष नगर निगम क्षेत्र में भी 23 हजार पौधे लगाए गए थे।
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जिला अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी जनपद में अच्छा कार्य हुआ है। जल शक्ति अभियान के तहत कई ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिनकी बदौलत जनपद में भू-गर्भ जल 0.71 मीटर ऊपर आया है।
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पीने योग्य हुआ सात नदियों का पानी
पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ के अनुसार शिवालिक से करीब 24 नदियां निकलती हैं। इनमें से जल शक्ति अभियान में सात नदियों को लिया गया, जिनमें सहंसरा गंगा, नागदेव गंगा, शाकंभरी गंगा, कालूवाला गंगा, सलोनी गंगा, बड़कला गंगा, लालो गंगा शामिल हैं। इन नदियों के पानी को साफ करने के लिए सीडीओ विजय कुमार के नेतृत्व और वैज्ञानिकों की देखरेख में हजारों ट्रैंच बनाई गईं, साथ ही 14 किलोमीटर तक नदियों से अतिक्रमण हटवाया गया। 300 से अधिक सोकपिट बनवाए गए हैं।
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भू-गर्भजल 0.71 मीटर ऊपर आया
-जनपद में प्रशासन ने वन क्षेत्र बढ़ाने तथा भू-गर्भजल के साथ ही नदियों पर बेहतर काम किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिस दौर में दुनिया भर में वन क्षेत्र कम हो रहे हैं। भू-गर्भ जल लगातार नीचे जा रहा है और नदियां दूषित हो रही हैं। ऐसे समय में सहारनपुर जिला प्रशासन ने तीनों क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किया है। वन क्षेत्र बढ़ने के साथ ही यहां नदियों की स्थिति भी सुधरी है। साथ ही भू-गर्भ जल स्तर भी बढ़ा है।
एफएसआई (फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया) की 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक सहारनपुर जनपद में 12.02 प्रतिशत वन क्षेत्र था। 2021 में वन क्षेत्र बढ़कर 13.37 फीसदी हो गया। यानी इसमें 1.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर जनपद में वन क्षेत्र 49.92 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ा। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में सबसे अधिक थी।
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यह वन क्षेत्र ऐसे ही नहीं बढ़ा है। जनपद में वर्ष 2019 में हिंडन नदी कि किनारे पर 15 हजार लोगों ने एक ही दिन में 54 हजार पौधे रोपे थे। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के साथ ही शासन के अधिकारी भी शामिल हुए थे। बीते वर्ष नगर निगम क्षेत्र में भी 23 हजार पौधे लगाए गए थे।
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जिला अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी जनपद में अच्छा कार्य हुआ है। जल शक्ति अभियान के तहत कई ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिनकी बदौलत जनपद में भू-गर्भ जल 0.71 मीटर ऊपर आया है।
पीने योग्य हुआ सात नदियों का पानी
पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ के अनुसार शिवालिक से करीब 24 नदियां निकलती हैं। इनमें से जल शक्ति अभियान में सात नदियों को लिया गया, जिनमें सहंसरा गंगा, नागदेव गंगा, शाकंभरी गंगा, कालूवाला गंगा, सलोनी गंगा, बड़कला गंगा, लालो गंगा शामिल हैं। इन नदियों के पानी को साफ करने के लिए सीडीओ विजय कुमार के नेतृत्व और वैज्ञानिकों की देखरेख में हजारों ट्रैंच बनाई गईं, साथ ही 14 किलोमीटर तक नदियों से अतिक्रमण हटवाया गया। 300 से अधिक सोकपिट बनवाए गए हैं।