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जिले में आग ने मचाया कोहराम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 14 Apr 2016 12:37 AM IST
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रिमाउंट डिपो के पेड़ों में लगी भंयकर आग को भुजाती दमकल की गाडियां।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव कलसी में बुधवार दोपहर एचटी लाईन के तारों के टकराने से गिरी चिंगारियों से कई किसानों की गेहूं की करीब 100 बीघा तैयार फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने मुआवजे की मांग की।
बुधवार दोपहर गांव निवासी उत्तम के खेत से गुजर रही एचटी लाईन के तार आपस में टकरा गए। इसके चलते उनमें से चिंगारियां निकलने लगी।
चिंगारियों के नीचे गिरते ही गेहूं की खड़ी फसल धूं-धूं कर जलने लगी। आग ने आसपास के खेतों को भी चपेट में ले लिया। आग को देखकर ग्रामीण खेतों की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पानी डालकर और हैरो चलाकर अन्य खेतों में आग को जाने से रोका। काफी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
तब तक ओमप्रकाश की 5 बीघा, पूरण की 5 बीघा, उत्तम की 10 बीघा, फूल सिंह की 20 बीघा, संजय की 7 बीघा, मोहर सिंह की 5 बीघा, अरविंद की 6 बीघा, अबलीश की 8 बीघा, पप्पू की 5 बीघा, शिक्षा की 5 बीघा और शिवकुमार सहित अनेक ग्रामीणों की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना के बावजूद विद्युत निगम का कोई अधिकारी वहां नहीं आया।
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नकुड़ में विद्युत तारों से उठी चिंगारी से लगी आग से बुधवार को तीन किसानों की करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से बिजली विभाग से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव रामगढ़ के किसान राजकुमार पुत्र खिलाराम के गेहूं के खेत से होकर गुजर रही बिजली की जर्जर हाई वोल्टेज लाइन का तार टूटकर लो वोल्टेज लाइन पर गिर गया।
तारों के आपस में टकराने से उठी चिंगारी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। इससे करीब छह बीघा जमीन पर खड़ी फसल जलकर राख हो गई। तेज हवा के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने अमित तथा पल्टू सिंह के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग भड़कने से आस पड़ोस के किसानों में खलबली मच गई।
किसानों ने 100 नंबर पर काल किया। तब सरसावा से पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। किसान नीटू, बिरम सिंह ने बताया कि बिजली की लाइनें जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर झूल रही हैं। तारों के अत्यधिक ढीले होने से हादसा हुआ। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से आग से जली हुई फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की
तीतरों के गांव कलसी के जंगल में एचटी लाइन में उठी चिंगारी से कई किसानों कि कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के बमुश्किल आग पर काबू पाया और बाकी खेत को आग की चपेट में आने से बचाया।
गांव कलसी दोपहर एक बजे के करीब तेज हवाओं के कारण एचटी लाइन के तार आपस में टकरा गया। इससे उठी चिंगारी सबसे पहले किसान उत्तम के गेहूं के खेत में गिरने से आग की लपटें उठने लगी और देखते ही देखते उसकी 10 बीघा फसल धूं-धूं कर जलने लगी।
हवा के कारण आग ने प्रकाश चौहान की 6 बीघा, पूरण की 5 बीघा, फूल सिंह की 20 बीघा, संजय की 7 बीघा, मोहर सिंह की 5 बीघा, शिवकुमार 7 बीघा, अरविंद की 6 बीघा, पप्पू की 5 बीघा, अबलिश की 5 बीघा, शिक्षा की 6 बीघा फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
खेतों में आग देख ग्रामीण जमा हो गए और बमुश्किल आग पर काबू पाया। साथ ही ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पर फोन कर सप्लाई को रुकवाया। किसानों का आरोप है कि जर्जर तारों के कारण किसानों की फसल जल रही है। तारों को न बदलने के लिए कई बार कहा जा चुका है लेकिन कोई सुनने वाला नही है।
सूचना के बावजूद विद्युत निगम का कोई कर्मचारी तक मौके पर नही पहुंचा।
नानौता। ग्राम टिकरौल स्थित श्मशान घाट के निकट कई ग्रामीणों के बिटौडे़ है। बुधवार को गांव के ही एक व्यक्ति की मौत होने पर श्मशान में अंतिम क्रियाकर्म किया गया था।
तेज हवा के चलने के दौरान आग की चिंगारी इन बिटौडे तक पंहुच गई और देखते ही देखते आग की लपटो ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग से बोबी पुत्र रमेश, विजय पुत्र त्रिलोक सिंह, जोगेन्द्री पत्नी राजकुमार, राजपाल पुत्र भुल्लन के दो और ओमपाल पुत्र परसा के बिटौडे जल गए।
उधर, क्षेत्र के ग्राम सोना अर्जुनपुर में किसान दुष्यंत के गेहूं के खेत के ऊपर से हाईटेंशन बिजली तार काफी नीचे होकर गुजर रहे है। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे तेज हवाओं के कारण आपस में मिली तारों से उठी चिंगारी गेहूं की फसल पर गिर गई। इससे खेत में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। करीब ढाई बीघा पकी गेहूं की फसल जल गई। पीड़ित ग्रामीण ने मुआवजे की मांग की है।
छप्पर का मकान जला
तहसील बेहट क्षेत्र के सैद मोहम्मदपुर गांव निवासी इलम अपनी पत्नी के साथ गेहूं की कटाई करने के लिए गया हुआ था। घर पर बच्चें थे। शाम करीब छह बजे अचानक उसके छप्पर के मकान में आग लग गई। बच्चों के शोर मचाने पर मौके पर पहुंची ग्रामीणों की भीड़ ने आग बुझाई। मगर, तब तक मकान और उसमें रखा सामान जल चुका था।
सूचना मिलने पर घर पहुंचे इलम सब कुछ जलने पर फूट-फूट कर रोने लगा। उसने बताया कि मजदूरी कर इक्ट्ठा किए गए 17 हजार रुपये, कपड़ा, अनाज, चारपाई, कुछ जेवरात भी आग में जलकर नष्ट हो गए। उसका करीब 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता की गुहार प्रशासन से लगाई है।
कोल्हू में आग, लाखों का सामान जला
सहारनपुर के थाना देवबंद के मोहल्ला खेड़ा मुगल के इस्लाम ने पैजनियां के पास पावर कोल्हू चलाते हैं। पावर कोल्हू के पास बनी झोपड़ी के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन में बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्पार्किंग हो गई।
इसकी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी में लगी आग देखते ही देखते कोल्हू में फैल गई। किसानों ने नलकूपों आदि से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
आग की चपेट में आकर किसानों को देने के लिए रखी दो लाख की नकदी, गन्ने की खोई के चार बूंगे, झोपड़ी में बंद 300 कबूतर, गुड़ आदि सामान जल गया। आग बुझाने की कोशिश में पावर कोल्हू में काम करने वाले जीशान, मुकीम, सलमान, शाहवेज व वकील भी झुलस गए। आग से करीब सात लाख रुपये का सामान के नुकसान होने का अनुमान जताया गया है।
रिमाउंट डिपो के पेड़ों में लगी आग
सहारनपुर। देहरादून रोड पर सैन्य क्षेत्र रिमाउंट डिपो परिसर के सड़क किनारे पेड़ों में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। सैन्य क्षेत्र में आग की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां पहुंची। करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि यह आग अन्य सैन्य क्षेत्र तक नहीं पहुंची।
रिमाउंट डिपो परिसर में अंदर अस्तबलों से लेकर प्रशिक्षण कक्ष और सैन्य कर्मचारियों के आवास तक हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह ने बताया कि आग से सैन्य परिसर में कोई क्षति नहीं पहुंची है और न ही सिविल क्षेत्र में आबादी के हिस्से में कोई नुकसान नहीं हुआ।
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बुधवार दोपहर गांव निवासी उत्तम के खेत से गुजर रही एचटी लाईन के तार आपस में टकरा गए। इसके चलते उनमें से चिंगारियां निकलने लगी।
चिंगारियों के नीचे गिरते ही गेहूं की खड़ी फसल धूं-धूं कर जलने लगी। आग ने आसपास के खेतों को भी चपेट में ले लिया। आग को देखकर ग्रामीण खेतों की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पानी डालकर और हैरो चलाकर अन्य खेतों में आग को जाने से रोका। काफी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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तब तक ओमप्रकाश की 5 बीघा, पूरण की 5 बीघा, उत्तम की 10 बीघा, फूल सिंह की 20 बीघा, संजय की 7 बीघा, मोहर सिंह की 5 बीघा, अरविंद की 6 बीघा, अबलीश की 8 बीघा, पप्पू की 5 बीघा, शिक्षा की 5 बीघा और शिवकुमार सहित अनेक ग्रामीणों की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना के बावजूद विद्युत निगम का कोई अधिकारी वहां नहीं आया।
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नकुड़ में विद्युत तारों से उठी चिंगारी से लगी आग से बुधवार को तीन किसानों की करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से बिजली विभाग से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव रामगढ़ के किसान राजकुमार पुत्र खिलाराम के गेहूं के खेत से होकर गुजर रही बिजली की जर्जर हाई वोल्टेज लाइन का तार टूटकर लो वोल्टेज लाइन पर गिर गया।
तारों के आपस में टकराने से उठी चिंगारी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। इससे करीब छह बीघा जमीन पर खड़ी फसल जलकर राख हो गई। तेज हवा के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने अमित तथा पल्टू सिंह के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग भड़कने से आस पड़ोस के किसानों में खलबली मच गई।
किसानों ने 100 नंबर पर काल किया। तब सरसावा से पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। किसान नीटू, बिरम सिंह ने बताया कि बिजली की लाइनें जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर झूल रही हैं। तारों के अत्यधिक ढीले होने से हादसा हुआ। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से आग से जली हुई फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की
तीतरों के गांव कलसी के जंगल में एचटी लाइन में उठी चिंगारी से कई किसानों कि कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के बमुश्किल आग पर काबू पाया और बाकी खेत को आग की चपेट में आने से बचाया।
गांव कलसी दोपहर एक बजे के करीब तेज हवाओं के कारण एचटी लाइन के तार आपस में टकरा गया। इससे उठी चिंगारी सबसे पहले किसान उत्तम के गेहूं के खेत में गिरने से आग की लपटें उठने लगी और देखते ही देखते उसकी 10 बीघा फसल धूं-धूं कर जलने लगी।
हवा के कारण आग ने प्रकाश चौहान की 6 बीघा, पूरण की 5 बीघा, फूल सिंह की 20 बीघा, संजय की 7 बीघा, मोहर सिंह की 5 बीघा, शिवकुमार 7 बीघा, अरविंद की 6 बीघा, पप्पू की 5 बीघा, अबलिश की 5 बीघा, शिक्षा की 6 बीघा फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
खेतों में आग देख ग्रामीण जमा हो गए और बमुश्किल आग पर काबू पाया। साथ ही ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पर फोन कर सप्लाई को रुकवाया। किसानों का आरोप है कि जर्जर तारों के कारण किसानों की फसल जल रही है। तारों को न बदलने के लिए कई बार कहा जा चुका है लेकिन कोई सुनने वाला नही है।
सूचना के बावजूद विद्युत निगम का कोई कर्मचारी तक मौके पर नही पहुंचा।
नानौता। ग्राम टिकरौल स्थित श्मशान घाट के निकट कई ग्रामीणों के बिटौडे़ है। बुधवार को गांव के ही एक व्यक्ति की मौत होने पर श्मशान में अंतिम क्रियाकर्म किया गया था।
तेज हवा के चलने के दौरान आग की चिंगारी इन बिटौडे तक पंहुच गई और देखते ही देखते आग की लपटो ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग से बोबी पुत्र रमेश, विजय पुत्र त्रिलोक सिंह, जोगेन्द्री पत्नी राजकुमार, राजपाल पुत्र भुल्लन के दो और ओमपाल पुत्र परसा के बिटौडे जल गए।
उधर, क्षेत्र के ग्राम सोना अर्जुनपुर में किसान दुष्यंत के गेहूं के खेत के ऊपर से हाईटेंशन बिजली तार काफी नीचे होकर गुजर रहे है। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे तेज हवाओं के कारण आपस में मिली तारों से उठी चिंगारी गेहूं की फसल पर गिर गई। इससे खेत में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। करीब ढाई बीघा पकी गेहूं की फसल जल गई। पीड़ित ग्रामीण ने मुआवजे की मांग की है।
छप्पर का मकान जला
तहसील बेहट क्षेत्र के सैद मोहम्मदपुर गांव निवासी इलम अपनी पत्नी के साथ गेहूं की कटाई करने के लिए गया हुआ था। घर पर बच्चें थे। शाम करीब छह बजे अचानक उसके छप्पर के मकान में आग लग गई। बच्चों के शोर मचाने पर मौके पर पहुंची ग्रामीणों की भीड़ ने आग बुझाई। मगर, तब तक मकान और उसमें रखा सामान जल चुका था।
सूचना मिलने पर घर पहुंचे इलम सब कुछ जलने पर फूट-फूट कर रोने लगा। उसने बताया कि मजदूरी कर इक्ट्ठा किए गए 17 हजार रुपये, कपड़ा, अनाज, चारपाई, कुछ जेवरात भी आग में जलकर नष्ट हो गए। उसका करीब 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता की गुहार प्रशासन से लगाई है।
कोल्हू में आग, लाखों का सामान जला
सहारनपुर के थाना देवबंद के मोहल्ला खेड़ा मुगल के इस्लाम ने पैजनियां के पास पावर कोल्हू चलाते हैं। पावर कोल्हू के पास बनी झोपड़ी के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन में बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्पार्किंग हो गई।
इसकी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी में लगी आग देखते ही देखते कोल्हू में फैल गई। किसानों ने नलकूपों आदि से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
आग की चपेट में आकर किसानों को देने के लिए रखी दो लाख की नकदी, गन्ने की खोई के चार बूंगे, झोपड़ी में बंद 300 कबूतर, गुड़ आदि सामान जल गया। आग बुझाने की कोशिश में पावर कोल्हू में काम करने वाले जीशान, मुकीम, सलमान, शाहवेज व वकील भी झुलस गए। आग से करीब सात लाख रुपये का सामान के नुकसान होने का अनुमान जताया गया है।
रिमाउंट डिपो के पेड़ों में लगी आग
सहारनपुर। देहरादून रोड पर सैन्य क्षेत्र रिमाउंट डिपो परिसर के सड़क किनारे पेड़ों में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। सैन्य क्षेत्र में आग की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां पहुंची। करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि यह आग अन्य सैन्य क्षेत्र तक नहीं पहुंची।
रिमाउंट डिपो परिसर में अंदर अस्तबलों से लेकर प्रशिक्षण कक्ष और सैन्य कर्मचारियों के आवास तक हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह ने बताया कि आग से सैन्य परिसर में कोई क्षति नहीं पहुंची है और न ही सिविल क्षेत्र में आबादी के हिस्से में कोई नुकसान नहीं हुआ।