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अतिक्रमण हटाओ अभियान बीच में छोड़कर लौटी टीम, आखिर क्यों
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:22 AM IST
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अतिक्रमण को हटाती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में अंबाला रोड से अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को अभियान बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा। आरोप है कि थाना कुतुबशेर पुलिस ने कुछ दूर चलने के बाद सहयोग करने से इनकार कर दिया।
पुलिस के हटते ही अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी वजह से नगर निगम की टीम को लौट जाना पड़ा। महापौर और नगरायुक्त ने शहर की सड़कों को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे।
कहा जा रहा था कि 50 साल पुराने रिकार्ड के आधार पर सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। मगर अभियान पहले दिन से फ्लॉप साबित हो रहा है। चार जनवरी को अभियान का पहला दिन था, जिसमें दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी तक अतिक्रमण हटाया जाना था।
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मगर टीम ने हमेशा की तरह केवल रेहड़ी और खोखे वालों पर कार्रवाई की, जबकि वर्षों से हुए बड़े अतिक्रमण को छुआ तक नहीं गया। आलम यह रहा कि अभियान से पहले और बाद की तस्वीर में कोई फर्क नजर नहीं आया।
अब मंगलवार को अभियान का दूसरा दिन था। इसमें थाना कुतुबशेर से मेला गुघाल पुल तक अतिक्रमण हटाया जाना था। पहले तो टीम को एकजुट होने में ही दोपहर के करीब एक बज गया। इसके बाद निगम की टीम पुलिस को साथ लेकर अतिक्रमण हटाने लगी।
करीब 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अनेक स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। अभियान का नेतृत्व कर रहे नगर निगम के एई बिजेंद्र पाल का आरोप है कि थाना कुतुबशेर पुलिस ने बीच में ही सहयोग करने से इनकार कर दिया और लौट आई।
पुलिस के निकलते ही अतिक्रमणकारी नगर निगम की टीम पर हावी हो गए। ऐसे में खुद को घिरता देख नगर निगम की टीम को अभियान बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा।
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पुलिस के हटते ही अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी वजह से नगर निगम की टीम को लौट जाना पड़ा। महापौर और नगरायुक्त ने शहर की सड़कों को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे।
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कहा जा रहा था कि 50 साल पुराने रिकार्ड के आधार पर सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। मगर अभियान पहले दिन से फ्लॉप साबित हो रहा है। चार जनवरी को अभियान का पहला दिन था, जिसमें दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी तक अतिक्रमण हटाया जाना था।
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मगर टीम ने हमेशा की तरह केवल रेहड़ी और खोखे वालों पर कार्रवाई की, जबकि वर्षों से हुए बड़े अतिक्रमण को छुआ तक नहीं गया। आलम यह रहा कि अभियान से पहले और बाद की तस्वीर में कोई फर्क नजर नहीं आया।
अब मंगलवार को अभियान का दूसरा दिन था। इसमें थाना कुतुबशेर से मेला गुघाल पुल तक अतिक्रमण हटाया जाना था। पहले तो टीम को एकजुट होने में ही दोपहर के करीब एक बज गया। इसके बाद निगम की टीम पुलिस को साथ लेकर अतिक्रमण हटाने लगी।
करीब 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अनेक स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। अभियान का नेतृत्व कर रहे नगर निगम के एई बिजेंद्र पाल का आरोप है कि थाना कुतुबशेर पुलिस ने बीच में ही सहयोग करने से इनकार कर दिया और लौट आई।
पुलिस के निकलते ही अतिक्रमणकारी नगर निगम की टीम पर हावी हो गए। ऐसे में खुद को घिरता देख नगर निगम की टीम को अभियान बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा।