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सपना नहीं हुआ साकार, विकास की रही दरकार

Sun, 08 Jan 2017 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 08 Jan 2017 01:06 AM IST
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The dream did not come true, the need for development
बदहाल नकुड़-टाबर मार्ग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नकुलेश्वर महादेव मंदिर और शाह आलम की तामीर कराई गई जामा मस्जिद से सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दे रहा नकुड़ आज भी विकास को तरस रहा है। हालांकि कई साल में यमुना के तटबंध बने और बाढ़ जैसी विभीषिका को कम करने की कोशिश हुई।
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मगर, अब भी क्षेत्र के कई गांव यमुना का कहर झेलते हैं। मंडी के अभाव में किसानों केे मजबूरन हरियाणा का रुख करना पड़ता है। जिनके पास साधन नहीं हैं, उन्हें अपने अनाज औने-पौने दाम पर ही बेचना पड़ता है। 
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स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं होने के कारण हर साल फैलने वाली बीमारी में कई-कई जानें जाती हैं। 2012 की विधानसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन में अस्तित्व में आए यह विधानसभा क्षेत्र पहले सरसावा के नाम से पहचानी जाती थी। परिसीमन के बाद गंगोह और नकुड़ अलग होने के बाद इसकी अलग पहचान बनी है। 
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सैनी-दलित गठजोड़ के जरिये वर्ष 2012 में इस सीट पर बसपा से डा. धर्म सिंह सैनी तीसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले 2007 में बसपा की प्रदेश में सरकार पर डा. धर्म सिंह सैनी को बेसिक शिक्षा विभाग में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था। 

इस सीट पर कुल मतदाता 3 लाख 28 हजार 931 हैं। इस क्षेत्र में बाढ़ बहुत बड़ी विभीषिका है और हर साल यमुना सैकड़ों बीघा जमीन अपनी जद में ले लेती है। हालांकि यमुना पर तटबंध बनने से कई गांव सुरक्षित हुए, मगर फिर भी यमुना में आई से काफी नुकसान होता है। बरसात के सीजन में खादर के गांवों में बीमारी का प्रकोप बढ़ जाता है। हर साल बुखार से दर्जनों जाने जाती हैं। 

सीएचसी में सुविधाएं न होने के कारण अधिकतर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। जिनमें से अधिकतर गंभीर घायल रास्ते में दम तोड़ देते हैं। दूषित पेयजल भी क्षेत्र की बड़ी समस्या है, जिसके कारण लोग गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में है। 

करीब चार वर्ष पूर्व आई बाढ़ में टूटी सड़कों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजगार की कमी के कारण क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजाना हरियाणा के यमुनानगर व अन्य जगहों पर रोजगार की तलाश में जाते हैं। किसानों के लिए मंडी स्थल नहीं है। 

जिसके कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए हरियाणा और दूसरे नगरों का रुख करना पड़ता है। जिनके पास साधन नहीं हैं, उन किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में आढ़तियों के यहां बेचनी पड़ती है। क्षेत्र में आवागमन के लिए सड़क एवं चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। 


15 साल से लगातार क्षेत्र की जनता की सेवा की और यही कारण है कि हमेशा सांप्रदायिक ताकतों को मात देकर जनता से मुझे जीत दिलाई। इस दौरान मैंने सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरपूर काम किया। सब स्टेशन बनवाएं और नकुड़ को डबल ग्रुप की बिजली दिलाई। यमुना नदी के तटबंध बनवाकर कटान रुकवाया। गांवों तक सड़क का जाल बिछवाया। आजादी के बाद से बिजली से महरूम ढिक्का टपरी में विद्युतीकरण कराया। मेरे विधानसभा क्षेत्र में भाई चारा कायम रहा और कहीं पर जातीय संघर्ष नहीं होने दिया। 
 - डा. धर्म सिंह सैनी, विधायक, नकुड़।
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